संभल में सरकारी जमीन पर कब्जों के खिलाफ ‘एक्शन पार्ट-2’, बुलडोजर के बाद अब लाखों का जुर्माना

संभल में सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा हटाने के बाद प्रशासन ने आर्थिक कार्रवाई शुरू की है. मस्जिद, मदरसा और मकानों पर लाखों का जुर्माना लगाया गया है. भुगतान न होने पर कुर्की और नीलामी होगी.

Shraddha Mishra

संभल: संभल जिले में सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने का अभियान अब नए और सख्त चरण में पहुंच गया है. पहले बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए, अब प्रशासन ने जिम्मेदारों पर आर्थिक कार्रवाई और जुर्माना वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सरकारी जमीन पर मस्जिद, मदरसा और मकान बनाने वालों से लाखों रुपये का जुर्माना वसूलने के साथ-साथ भुगतान न होने पर संपत्ति कुर्की और नीलामी तक की तैयारी की जा रही है. इसे प्रशासन का ‘एक्शन पार्ट-2’ माना जा रहा है. 

बीते रविवार से संभल में सरकारी जमीनों पर अवैध धार्मिक ढांचे और मकानों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई थी. अब प्रशासन ने इन्हें अगले स्तर पर ले जाकर आर्थिक शिकंजा कस दिया है. सलेमपुर सालार (हाजीपुर) में मदीना मस्जिद पर 8 लाख रुपये और मदरसे पर 51 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. वहीं, राया बुजुर्ग गांव में गौसुलबरा मस्जिद पर 8 लाख और मदरसे पर 6 लाख रुपये का जुर्माना तय किया गया. तालाब की भूमि पर बने मकानों पर 1 लाख 24 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. सभी मामलों में जुर्माने की वसूली के लिए तहसीलदार कार्यालय से रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी किया जाएगा.

भुगतान न करने पर संपत्ति कुर्क और नीलामी

प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि तय समय में जुर्माना जमा नहीं किया गया तो रेवेन्यू कोर्ट की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होगी. इसमें संबंधित लोगों की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जाएगी और जरूरत पड़ने पर नीलामी भी की जाएगी. अधिकारियों ने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करना कानूनन अपराध है और अब किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी.

बुलडोजर से शुरू हुई कार्रवाई

बीते रविवार को सलेमपुर सालार और हाजीपुर गांव में सरकारी जमीन पर बनी मदीना मस्जिद को मस्जिद कमेटी ने स्वयं ध्वस्त किया. वहीं, मदरसे पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया. राया बुजुर्ग में भी सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को गिराया गया. इसके बाद मंगलवार को तालाब की भूमि पर बने मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई.

तालाब की भूमि पर 40 से ज्यादा मकान

हयातनगर थाना क्षेत्र के सरायतरीन इलाके के भूड़ा मोहल्ले में प्रशासनिक कार्रवाई ने लोगों में हड़कंप मचा दिया. लगभग 5 बीघा तालाब की भूमि पर 40 से ज्यादा मकान बने हुए थे. नायब तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो की टीम ने मौके पर जाकर जमीन की पैमाइश की. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पैमाइश पूरी होने के बाद अगले कदम के बारे में निर्णय लिया जाएगा.

दादा मियां की मजार से सटी मस्जिद पर नोटिस

चौधरी सराय इलाके में दादा मियां की मजार से सटी कब्रिस्तान की भूमि पर बनी मस्जिद को हटाने का अल्टीमेटम दिया गया. तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने मस्जिद के मुतवल्ली मुहम्मद सुल्तान को 15 दिन में मस्जिद हटाने का नोटिस दिया. प्रशासन ने यहां लगे बिना अनुमति साप्ताहिक बाजार को भी हटाने की चेतावनी दी.

मुतवल्ली का दावा और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मुतवल्ली मुहम्मद सुल्तान ने दावा किया कि यह मस्जिद 700 से 800 साल पुरानी है और उनके पूर्वजों के समय से मौजूद है. उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई नया निर्माण नहीं कराया है और अब कानूनी सलाह लेकर कार्रवाई करेंगे. वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह धार्मिक हो या निजी.

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