आगरा हत्याकांड: बच्ची को ड्रम में भरने वाले आरोपी का एनकाउंटर, शव देखने उमड़ी भीड़
आगरा में मासूम बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया. आरोपी की मौत की खबर फैलते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और शव की पहचान को लेकर हंगामा देखने को मिला.

आगरा: आगरा में मासूम प्रज्ञा की दर्दनाक हत्या के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया. जैसे ही यह खबर इलाके में पहुंची, लोगों का गुस्सा और उत्सुकता दोनों सामने आ गए. बड़ी संख्या में लोग आरोपी का चेहरा देखने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए.
गोबर चौकी स्थित सिद्धार्थ नगर में माहौल तनावपूर्ण हो गया, जहां लोगों ने आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने की मांग की. हालात को संभालने के लिए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और बाद में लोगों को पोस्टमार्टम हाउस ले जाकर शव की पहचान कराई गई.
एनकाउंटर के बाद बढ़ा हंगामा
पुलिस ने तड़के करीब तीन बजे मुठभेड़ में आरोपी सुनील को मार गिराया. सुबह होते ही जैसे ही बस्ती के लोगों को इसकी जानकारी मिली, वे घरों से बाहर निकल आए और आरोपी का चेहरा देखने की जिद करने लगे.
लोगों का कहना था कि वे तभी शांत होंगे जब उन्हें यकीन हो जाएगा कि पुलिस सच कह रही है. इसके बाद पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया और पोस्टमार्टम हाउस ले जाकर शव दिखाने का फैसला किया.
मां ने देखी आरोपी की लाश
प्रज्ञा की मां प्रीति भी आरोपी का चेहरा देखने के लिए सामने आईं. पुलिस ने उन्हें और अन्य लोगों को पोस्टमार्टम हाउस ले जाकर चार-चार के समूह में शव की पहचान कराई.
शव देखने के बाद लोगों ने पुष्टि की कि वही आरोपी है. उसकी गर्दन पर बना टैटू पहचान का आधार बना.
मां ने शव को झकझोरते हुए अपनी बेटी की हत्या का कारण जानने की कोशिश की और रोते हुए कहा कि इस घटना में शामिल हर व्यक्ति को सजा मिलनी चाहिए.
हत्या के पीछे कारण तलाशने में जुटी पुलिस
पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए तीन अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है. इनमें एक वजह आरोपी और बच्ची के पिता के बीच किराए को लेकर हुआ विवाद भी माना जा रहा है.
मोहल्ले वालों के अनुसार, घटना से दो दिन पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई थी.
पुलिस की सतर्कता से खुला मामला
आरोपी सुनील तक पहुंचना आसान नहीं था क्योंकि वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था. पुलिस ने कई संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर रखा था और लगातार निगरानी कर रही थी.
पुलिस के अनुसार, अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो आरोपी आटे के ड्रम को हटाकर शव को ठिकाने लगा सकता था, जिससे मामला और उलझ जाता.
आरोपी की आदतें और पृष्ठभूमि
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के मुताबिक, आरोपी सुबह से ही शराब पी लेता था और दिनभर नशे में रहता था. उसकी इन आदतों के कारण उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर जा चुकी थी.
इसके बावजूद उसे किराए पर कमरा दिया गया था.
हर जगह तलाश में जुटी थी पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित ठिकानों पर सख्त निगरानी रखी.
बुधवार को आरोपी मोहल्ले में आया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी देखकर अपने कमरे तक नहीं पहुंच सका और वापस भाग गया. गुरुवार को उसे एक मंदिर के पास देखा गया, जहां उसने भंडारे में खाना खाया.
हत्या के संभावित कारण
जांच में सामने आया है कि बच्ची ने आरोपी को किसी महिला के साथ देख लिया था, जिसके चलते उसने हत्या कर दी. पुलिस उस महिला से पूछताछ कर रही है, हालांकि वह आरोपों से इनकार कर रही है.
दूसरी संभावना बुरी नीयत की भी जताई जा रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अभी तक इसके स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं. स्लाइड रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
आगरा में बढ़ते एनकाउंटर
पिछले तीन महीनों में आगरा में तीन बड़े एनकाउंटर हो चुके हैं. इस घटना ने पुलिस प्रशासन को भी झकझोर दिया है.
बताया गया कि हत्या के बाद बच्ची को एक छोटे ड्रम में ठूंसकर रखा गया था, जिससे इस अपराध की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.


