कांशीराम जयंती पर BSP का शक्ति प्रदर्शन, आज लखनऊ और नोएडा में जुटेंगे लाखों कार्यकर्ता
रविवार को बसपा अपने महान संस्थापक कांशीराम की 92वीं जयंती पर जोरदार शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है. लखनऊ में 12 मंडलों के हजारों उत्साही कार्यकर्ता एकत्र होंगे, तो वहीं नोएडा में भी 6 मंडलों के समर्थक जोश के साथ एकजुटता का शानदार प्रदर्शन करेंगे. यह आयोजन बहुजन समाज की एकता और ताकत को दिखाने वाला होगा.

बहुजन समाज पार्टी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में तेजी ला रही है और इसी क्रम में रविवार को पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती पर बड़े पैमाने पर शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है. लखनऊ स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर 12 मंडलों के हजारों कार्यकर्ता जुटेंगे, जबकि नोएडा के स्मारक स्थल पर छह मंडलों के पदाधिकारी और समर्थक एकजुट होंगे. पार्टी सुप्रीमो मायावती लखनऊ के माल एवेन्यू स्थित अपने आवास पर जयंती मनाएंगीं, जबकि राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद राजस्थान के भरतपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे.
पिछले साल अक्टूबर में कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर प्रदेश स्तरीय भव्य आयोजन में मायावती खुद मौजूद थीं. अब बसपा प्रमुख ने जयंती को लखनऊ और नोएडा में धूमधाम से मनाने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि पार्टी की संगठनात्मक ताकत और बहुजन समाज की एकजुटता का संदेश मजबूती से पहुंचे. ‘लखनऊ चलो’ का नारा लगा कर भारी भीड़ जुटाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
‘लखनऊ चलो’ अभियान और भीड़ जुटाने की रणनीति
पार्टी ने ‘लखनऊ चलो’ का जोरदार नारा दिया है. मंडलों के पदाधिकारियों ने बसों और अन्य वाहनों की व्यवस्था कर ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं-समर्थकों को लखनऊ पहुंचाने का प्लान बनाया है. रविवार को लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर 12 मंडलों के साथ प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल भी मौजूद रहेंगे. यह आयोजन पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
नोएडा में पश्चिमी यूपी का विशेष कार्यक्रम
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह मंडलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नोएडा स्थित स्मारक स्थल पर एकत्र होंगे. यहां भी भारी संख्या में बहुजन समाज के लोग जुटने की उम्मीद है. इस तरह पार्टी ने यूपी के प्रमुख हिस्सों में एक साथ शक्ति प्रदर्शन की योजना बनाई है, जो संगठन की गहराई और पहुंच को दर्शाती है.
अन्य राज्यों में भी आयोजन और नेतृत्व की भूमिका
यूपी के अलावा अन्य राज्यों की राजधानियों में भी कांशीराम जयंती के कार्यक्रम होंगे, जहां प्रदेश प्रभारी और स्थानीय पदाधिकारी मौजूद रहेंगे. यह बहुजन आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बसपा का प्रयास है. उल्लेखनीय है कि कांशीराम ने वर्ष 1984 में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी, जिसने बहुजन समाज को राजनीतिक ताकत प्रदान की.


