श्रीकृष्ण पर मौलाना के बयान से मचा विवाद, हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी, कार्रवाई की मांग

मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच मौलाना जर्जिस अंसारी का पुराना वीडियो वायरल हो रहा है. उन्होंने दावा किया कि भगवान कृष्ण मुस्लिम थे, पांच वक्त नमाज पढ़ते थे और गीता के श्लोक का हवाला दिया, जिस पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच मौलाना जर्जिस अंसारी का एक पुराना वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में मौलाना भगवान श्रीकृष्ण को लेकर कुछ ऐसे दावे करते नजर आ रहे हैं, जिन पर विवाद खड़ा हो गया है. उनके बयान के बाद कई हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है. 

क्या है पूरा मामला? 

वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी दावा करते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण मुस्लिम थे और वे दिन में पांच बार नमाज अदा करते थे. अपने तर्क के समर्थन में उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के एक श्लोक का उल्लेख भी किया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर हिंदू अपने धार्मिक ग्रंथों का गहराई से अध्ययन करें तो उन्हें इस्लाम के सिद्धांत पसंद आएंगे. 

मामले को लेकर प्रशासन से की गई कार्रवाई की मांग 

हालांकि, धार्मिक विद्वानों और कई जानकारों का कहना है कि मौलाना ने जिस श्लोक का उल्लेख किया, उसकी व्याख्या सही संदर्भ में नहीं की. यह श्लोक भगवद्गीता के अध्याय 6 का श्लोक 10 है, जिसमें योग साधना, आत्मसंयम, एकांत में ध्यान और मन को परमात्मा में स्थिर रखने की बात कही गई है. श्लोक में नमाज या इस्लाम का कोई उल्लेख नहीं मिलता.

मौलाना के बयान के वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है. संगठनों का कहना है कि धार्मिक ग्रंथों की गलत व्याख्या कर समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. 

बताया गया पुराना वीडियो 

बताया जा रहा है कि यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि पुराना है, जो श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विवादों के बीच एक बार फिर सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. बता दें, मौलाना जर्जिस अंसारी इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं. वर्ष 2022 में महिलाओं को लेकर दिए गए उनके एक बयान की भी व्यापक आलोचना हुई थी. उस समय विभिन्न सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. फिलहाल, इस वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों को लेकर बहस तेज हो गई है. प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है. First Updated : Thursday, 16 July 2026