Noida: सुपरटेक सोसाइटी सेक्टर 74 में बिल्डर की दादागिरी से लोग परेशान, ORB क्लब पर अवैध तरीके से हो रहा कब्जा

Noida: नोएडा के सेक्टर 74 स्थित सुपरटेक सोसाइटी का मामला जिसमें बिल्डर और बिल्डर के स्टाफ के द्वारा अवैध तरीक़ से बगल में रहने वाले सुपरटेक के दूसरे प्रोजेक्ट केपटाऊन CC 1 और CC 2 के लोग ORB क्लब पर कब्जा कर रहे है.

Sagar Dwivedi
Edited By: Sagar Dwivedi

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली NCR के नोएडा की सबसे बड़ी सोसाइटी सेक्टर 74 में स्थित सुपरटेक ORB सोसाइटी से एक मामला सामने आया है. जिसमें बिल्डर और बिल्डर के स्टाफ के द्वारा अवैध तरीके से बगल में रहने वाले सुपरटेक के दूसरे प्रोजेक्ट केपटाऊन CC 1 और CC 2 के लोग ORB क्लब पर कब्जा कर रहे है.

ORB सोसाइटी में रहने वाले संजय अग्रवाल ने बताया, क्लब की मेम्बरशिप के लिये तकरीबन 4 लाख रुपये लिए लेकिन अब बगल में बनी सोसाइटी के लोग बिल्डर की सहमत पर ORB क्लब पर अपना हक जमा रहे है. जबकि ORB क्लब पर सिर्फ ORB सोसाइटी में रहने वाले लोगों का हक होना चाहिए. 

बता दें कि गेट जबरदस्ती तरीके से खोला गया है, जिससे बगल वाली सोसाइटी यानी की CC1 और CC2 के लोग ORB के परमिसेस में जबरन आते जाते हैं ऐसे में ORB सोसाइटी में रहने वाले लोगों का कहना की इस एंट्रेंस की वजह से वो अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. ORB रेजिडेंट का कहना इस एंट्रेंस की वजह से कोई भी कभी भी हमारी सोसाइटी में दाखिल हो सकता है और अगर सिक्योरिटी लैप्स होती है तो किस की ज़िम्मेदारी होगी. 

ORB सोसाइटी में रहने वाले विनीत जैन ने बताया, "बिल्डर को तरफ से एक नहीं अनेक परेशानी है जितनी गिनाई जाए उतनी कम है विनीत ने आगे बताया कि सोसाइटी में आने वाले पानी का TDS लेवल इतना ज्यादा है लोग बीमार पड़ रहे है, साथ ही उन्होंने बताया कि. सोसाइटी में बिजली की भी परेशानी होती है लेकिन बिल्डर को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है. आसमान को छूती इस इमारत में बने फ्लैटो की कीमत करोड़ों में है लेकिन सुविधा के नाम पर यहाँ कुछ भी नहीं है जिन लोगों ने अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई लगाई अब वो परेशान है.

सोसाइटी में रहने वाले बृजेश शर्मा का कहना है की प्रीमियम सोसाइटी बता कर बेचा गया लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है बृजेश शर्मा का कहना है की बगल में बनी केपटाऊन सोसाइटी में रहने वाले लोगो लो हमारी सोसाइटी में इंटरफेयर करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि ORB एक अलग प्रोजेक्ट है और केपटाऊन अलग प्रोजेक्ट है.

ORB सोसाइटी में रहने वाले ललित बताते है की पिछले काफी महीनों से बिल्डर और उनके स्टाफ से बात चल रही है लेकिन नतीजा वही ढाँक के तीन पात वाला है, ORB बिल्डिंग जितनी बड़ी उतने ही बड़े है बिल्डर के वादे लेकिन वादाखिलाफी तो नोएडा के बिल्डरों की आदत सी है.

ORB में रहने वाली पुष्पांजलि का कहना है की प्रीमियम सोसाइटी सिर्फ नाम की सोसाइटी में सेंट्रल AC है लेकिन रहने वाले लोगों बिजली कभी आती है कभी जाती है और तो और इलेक्ट्रिसिटी लोड की भी दिक्कतहै, इस प्रीमियम सोसाइटी में बच्चों के खेलने तक की जगह नहीं है. 

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