अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रामनगरी के दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां उनका कार्यक्रम धार्मिक आयोजनों से लेकर विकास परियोजनाओं तक फैला हुआ है. हालांकि इस यात्रा पर सबकी नजरें केवल उद्घाटन और समारोहों पर ही नहीं हैं, बल्कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान को लेकर चल रही जांच और उससे जुड़े विवाद भी चर्चा का विषय बने हुए हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इसके साथ ही अयोध्या नगर निगम की ओर से तैयार की गई विभिन्न जनहित परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे. कुछ नई योजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी. सरकार का कहना है कि अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है और इसी दिशा में नए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले एक और मुद्दा चर्चा में आ गया है. कुछ मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को मुख्यमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया है. हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी भी सरकारी विभाग या ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसके बावजूद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में इस विषय पर चर्चा जारी है.
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सबसे पहले श्री ऋषभ देव दिगंबर जैन मंदिर पहुंचेंगे. यहां वे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होंगे. जैन समाज में इस आयोजन का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि यह तीर्थंकरों के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख चरणों का प्रतीक होता है. इस समारोह में देशभर से संत, धर्मगुरु और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसके बाद मुख्यमंत्री राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख संत महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव कार्यक्रम में भी भाग लेंगे.
मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान अयोध्या में तैयार किए गए नए रामायण मोम संग्रहालय का भी उद्घाटन करेंगे. कांशीराम कॉलोनी के निकट बने इस संग्रहालय पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. संग्रहालय में रामायण से जुड़े प्रमुख पात्रों और महत्वपूर्ण घटनाओं को मोम की आकर्षक प्रतिमाओं के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है. अधिकारियों का मानना है कि यह संग्रहालय अयोध्या आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक नया आकर्षण बनेगा.
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं से प्राप्त दान के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों की जांच जारी है. दान की राशि के संग्रह और उसकी गणना प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. जांच टीम ने अयोध्या में अपना काम शुरू कर दिया है और विभिन्न दस्तावेजों व प्रक्रियाओं की पड़ताल कर रही है.
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार दान प्रबंधन से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा की जा रही है. टीम वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संचालन से संबंधित दस्तावेजों का अध्ययन कर रही है. सूत्रों का कहना है कि दान की गिनती और प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं.
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि मंदिर प्रशासन जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देगा. उनके अनुसार जांच का मकसद केवल तथ्यों को सामने लाना ही नहीं, बल्कि भविष्य में व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाना भी है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और उससे जुड़े हर मामले में पूरी स्पष्टता बनाए रखना आवश्यक है. First Updated : Friday, 19 June 2026