नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है. विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. अब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बांकुड़ा से सांसद सौमित्र खान के एक बड़े दावे ने राज्य की सियासत को और गर्म कर दिया है. उन्होंने दावा किया है कि टीएमसी के कई विधायक और सांसद अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे हैं और भाजपा के संपर्क में हैं.
बीजेपी सांसद सौमित्र खान ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के करीब 50 विधायक पार्टी नेतृत्व से खुश नहीं हैं. उनका दावा है कि इनमें से कई विधायक लगातार भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी के लगभग 20 सांसद भी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि अगर बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व संकेत दे दे, तो बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सौमित्र खान के मुताबिक, टीएमसी के अंदर असंतोष इतना बढ़ चुका है कि कई नेता अब नए राजनीतिक विकल्प तलाश रहे हैं.
अपने बयान के दौरान सौमित्र खान ने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि गलत काम करने वालों को एक दिन उसका परिणाम जरूर भुगतना पड़ता है. बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि साल 2021 के चुनावों के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हुआ था और अब उसी का असर देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग करने वालों को जनता सबक सिखाती है.
दरअसल, पिछले कुछ समय से टीएमसी के भीतर नाराजगी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. हाल ही में बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप पद से हटाया गया था. इसके अलावा, काकोली घोष दस्तीदार का कुछ विधायकों के साथ विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की बैठक में शामिल होना भी चर्चा का बड़ा विषय बना.
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी सांसद के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि बीजेपी केवल भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने साफ कहा कि पार्टी के किसी सांसद या विधायक के बीजेपी में जाने जैसी कोई स्थिति नहीं है. सौगत रॉय के मुताबिक, टीएमसी पूरी तरह एकजुट है और विपक्ष केवल अफवाहों के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है.
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में लोकसभा की कुल 42 सीटें हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी को 12 सीटें मिली थीं. कांग्रेस को एक सीट हासिल हुई थी. ऐसे में बीजेपी सांसद का यह दावा राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है. First Updated : Wednesday, 27 May 2026