पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा! प्रचार के दौरान BJP कार्यकर्ताओं पर बांस की लाठी से हमला, पुलिस समेत कई कार्यकर्ता घायल
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है. बसंती इलाके में चुनावी प्रचार करने उतरे BJP उम्मीदवार बिकाश सरदार और उनके कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया गया गया, जिसमें पुलिस भी घायल हुई है.

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बसंती इलाके में चुनावी प्रचार के दौरान हिंसा भड़क गई. भाजपा उम्मीदवार बिकाश सरदार जब अपने कार्यकर्ताओं के साथ प्रचार कर रहे थे, तभी बसंती बाजार के पास उपद्रवियों ने उन पर हमला कर दिया. इस घटना में कम से कम 8 से 10 भाजपा कार्यकर्ता और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.
घटना दोपहर करीब 1 बजे हुई, जब भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्वक प्रचार कर रहे थे. अचानक सड़क जाम कर उपद्रवियों ने लाठियों से हमला बोल दिया. घायलों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.
BJP ने TMC पर हमले का लगाया इल्जाम
भाजपा उम्मीदवार बिकाश सरदार ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से यह हमला किया. उन्होंने कहा कि TMC कार्यकर्ता सड़कें जाम करके बैठ गए और पुलिस पर भी हमला कर दिया. सरदार ने दावा किया कि TMC हार के डर से ऐसी घटनाएं कर रही है.
उन्होंने बताया कि उनके भाई पर भी हमला हुआ और कई वाहनों की तोड़फोड़ की गई. भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि उपद्रवियों के पास बांस की लाठियां थी और वे पीछे से हमला कर रहे थे.
पुलिस की कार्रवाई
हिंसा की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस और सीएपीएफ के जवान मौके पर पहुंच गए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया. पुलिस ने कम से कम 8 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है. एक घायल भाजपा कार्यकर्ता ने बताया कि वे पुलिस वैन के साथ थे, लेकिन बसंती बाजार के पास उन पर अचानक हमला कर दिया गया. फिलहाल सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति को बांस की लाठियों से बुरी तरह पीटते दिख रहे हैं. हालांकि, इस वीडियो की सत्यता की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. एक आरएएफ जवान को भागते हुए भी वीडियो में देखा गया है.
स्थिति पर नियंत्रण
पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. बसंती इलाके में तनाव बना हुआ है, लेकिन अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती से स्थिति को काबू में लाने की कोशिश की जा रही है. चुनावी मौसम में पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती है. इस मामले में आगे की जांच से कई बातें साफ होने की उम्मीद है.


