ऑनलाइन बिक रहा CBSE, NEET और JEE छात्रों का पर्सनल डेटा? सामने आए चौंकाने वाला दावा

CBSE, NEET और JEE छात्रों के कथित डेटा कारोबार को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि कुछ वेबसाइटों पर छात्रों का डेटा राज्य, शहर और कक्षा के आधार पर अलग-अलग कीमतों में उपलब्ध कराया जा रहा है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: हाल ही में छात्रों के डेटा लीक होने की खबरों के बीच अब सोशल मीडिया पर एक नया दावा सामने आया है, जिसमें कहा जा रहा है कि CBSE, NEET और JEE के विद्यार्थियों की निजी जानकारी ऑनलाइन बेची जा रही है. दावा है कि कुछ वेबसाइटों पर छात्रों का डेटा राज्य, शहर और कक्षा के आधार पर अलग-अलग कीमतों में उपलब्ध कराया जा रहा है. हालांकि, इन दावों की अब तक किसी सरकारी एजेंसी या संबंधित संस्थान ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

शिक्षाविद महेश्वर पेरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर इस मुद्दे को उठाया है. उनके मुताबिक, कुछ वेबसाइटें छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी पैकेज के रूप में बेचने का दावा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों के छात्रों का डेटा अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध बताया जा रहा है और भुगतान के बाद जानकारी डाउनलोड की जा सकती है. पेरी का दावा है कि इन डेटाबेस में छात्रों के नाम, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां शामिल हैं. उनके इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर डेटा सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है.

राज्यवार डेटा उपलब्ध होने का दावा

पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि कई ऑनलाइन पोर्टल राज्यवार और श्रेणीवार छात्रों का डेटा उपलब्ध करा रहे हैं. बताया जा रहा है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु समेत कई राज्यों के छात्रों की जानकारी अलग-अलग दरों पर बेची जा रही है. महेश्वर पेरी ने आरोप लगाया कि डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही हो रही है और बड़ी संख्या में छात्रों की निजी जानकारी गलत हाथों तक पहुंच सकती है. उनका कहना है कि यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा डेटा सुरक्षा संकट हो सकता है.

किन जानकारियों के उपलब्ध होने का दावा?

सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, कथित डेटाबेस में छात्रों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद हैं. इनमें शामिल हैं:

छात्र का नाम
मोबाइल नंबर
स्कूल का नाम
माता-पिता का नाम
जिला संबंधी जानकारी
परीक्षा में प्राप्त अंक

हालांकि, इन जानकारियों की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

वीडियो शेयर कर कार्रवाई की मांग

महेश्वर पेरी ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें कथित तौर पर छात्रों का डेटा डाउनलोड करके दिखाया गया है. उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से इस मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.

इस पूरे मामले को लेकर फिलहाल न तो CBSE और न ही शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है. ऐसे में सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की सत्यता की पुष्टि होना अभी बाकी है. हालांकि, यदि इन आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह लाखों छात्रों की निजता और डेटा सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला साबित हो सकता है.

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