कोलकाता: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के ताराकेश्वर क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और ताराकेश्वर नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन सपन सामंत को लेकर स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन का मामला सामने आया है. इस घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ लोगों ने सपन सामंत के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सार्वजनिक रूप से विरोध जताया.
प्रदर्शन के दौरान उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किए जाने की भी खबरें सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें जूतों की माला पहनाई, कान पकड़कर उठक-बैठक करवाई और उन पर अंडे तथा टमाटर फेंके. घटना के वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया. क्षेत्र में पहले से ही नगर पालिका के कामकाज और कुछ प्रशासनिक फैसलों को लेकर असंतोष की बातें सामने आती रही थीं. इसी नाराजगी के चलते लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, ऐसा दावा किया जा रहा है.
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता नहीं बरती गई. हालांकि इन आरोपों की अब तक किसी आधिकारिक जांच या रिपोर्ट के जरिए पुष्टि नहीं हुई है. घटना के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है. विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर निशाना साधा है. वहीं दूसरी ओर, टीएमसी की तरफ से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को विरोध जताने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी व्यक्ति के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार किए जाने पर भी सवाल खड़े होते हैं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को झटका लगने के बाद कई नेताओं के खिलाफ जनता के विरोध की घटनाएं सामने आई हैं. पिछले कुछ समय में कई टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंके जाने और विरोध प्रदर्शन किए जाने की खबरें सुर्खियों में रही हैं. पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष भी ऐसे विरोध प्रदर्शनों का सामना कर चुके हैं. इसके अलावा गिरफ्तार टीएमसी नेता सौमित्र बनर्जी को अदालत ले जाते समय भीड़ द्वारा विरोध किए जाने की घटना भी सामने आई थी.
इसी तरह पूर्व मंत्री उदयन गुहा पर भी हाल ही में अंडे फेंके जाने की खबर आई थी. टीएमसी का आरोप है कि इन घटनाओं के पीछे भाजपा समर्थकों की भूमिका हो सकती है. हालांकि भाजपा इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है. भाजपा का कहना है कि राज्य में लोगों की नाराजगी टीएमसी सरकार के कामकाज को लेकर है और उसी का असर ऐसे विरोध प्रदर्शनों के रूप में दिखाई दे रहा है.
इन घटनाओं के बाद टीएमसी नेताओं ने न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले को वरिष्ठ अधिवक्ता सिरसान्या बंदोपाध्याय ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपब्रत चक्रवर्ती की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच के सामने उठाया. याचिका में राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन, सांसद कल्याण बनर्जी, सांसद अभिषेक बनर्जी, विधायक कुणाल घोष और मदन मित्रा से जुड़ी हालिया घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है.
अदालत को बताया गया कि याचिका पहले ही दायर की जा चुकी थी, लेकिन उस पर तत्काल सुनवाई नहीं हो पाई थी. वरिष्ठ वकील ने अदालत से मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द सुनवाई की मांग की है. अब सभी की नजर हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई और उसके फैसले पर बनी हुई है, क्योंकि इससे इस पूरे विवाद को लेकर आगे की दिशा तय हो सकती है. First Updated : Tuesday, 23 June 2026