कौन हैं सी.पी. राधाकृष्णन, जो बने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति; जानिए उनका पूरा राजनीतिक करियर

एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन भारत के नए उपराष्ट्रपति चुने गए हैं. चार दशकों से ज्यादा का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले राधाकृष्णन भाजपा संगठन, संसद और राज्यपाल पद पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं.

Simran Sachdeva

CP Radhakrishnan: एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन भारत के नए उपराष्ट्रपति चुने गए हैं. उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को बड़े अंतर से पराजित किया. कुल 781 मतों में से 767 वोट डाले गए, जिनमें सी.पी. राधाकृष्णन को 452 प्रथम वरीयता मत मिले और उन्हें भारत का नया उपराष्ट्रपति चुना गया. वहीं विपक्ष के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को केवल 300 प्रथम वरीयता वोट प्राप्त हुए.

वहीं, चुनाव प्रक्रिया में 15 वोट अमान्य पाए गए, जबकि कुल 13 सांसदों ने मतदान से दूरी बनाई. इनमें बीजेडी के 7, बीआरएस के 4, अकाली दल का एक और एक निर्दलीय सांसद शामिल रहे. 

कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?

सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तिरुपुर, तमिलनाडु में हुआ. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आरएसएस स्वयंसेवक के रूप में की और 1974 में भारतीय जनसंघ के राज्य कार्यकारी समिति सदस्य बने.

संसद और राजनीति में योगदान

राधाकृष्णन दो बार लोकसभा सांसद (कोयंबटूर, 1998 और 1999) रह चुके हैं. उन्होंने टेक्सटाइल स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष और पीएसयू तथा वित्त समिति के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 2004 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा और ताइवान के पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल में भी हिस्सा लिया.

तमिलनाडु और पार्टी में नेतृत्व

तमिलनाडु में वे भाजपा के राज्य अध्यक्ष (2004–2007) के रूप में उभरे और 19,000 किलोमीटर लंबी 93 दिनों की ‘रथ यात्रा’ का नेतृत्व किया. इसके अलावा उन्होंने केरल में भाजपा के ऑल इंडिया इंचार्ज (2020–2022) के रूप में भी कार्य किया.

राज्यपाल के रूप में सेवा

2016–2020 तक कोयर बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए सीपी राधाकृष्णन ने 2,532 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निर्यात को सफलतापूर्वक संचालित किया. 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने 4 महीनों के भीतर 24 जिलों का दौरा कर नागरिकों और अधिकारियों से संवाद किया. जुलाई 2024 में उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया और इसके पहले उन्हें तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया.

राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव

चार दशकों से ज्यादा के अनुभव के साथ, सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु की राजनीति और भाजपा संगठनात्मक ढांचे में गहरी जड़ें रखते हैं. उन्हें राजनीतिक समझ और प्रशासनिक दक्षता के लिए एक अनुभवी और प्रतिष्ठित नेता माना जाता है.

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