उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर बुधवार सुबह मौनी अमावस्या के मौके पर गंगा में शाही स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. इस दौरान भगदड़ मच गई, जिसके कारण कई लोग घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए केंद्रीय अस्पताल भेजा गया. इस घटना में कई लोगों के मौत हो गई है, हालांकि अभी तक मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इस हादसे के बाद कई सवाल उठ रहे हैं, और यह भी पूछा जा रहा है कि महाकुंभ की सुरक्षा सेना को क्यों नहीं सौंपी गई.
पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी ने कहा, "हमने पहले ही कहा था कि कुंभ की सुरक्षा सेना को सौंप दी जाए, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी. इतनी बड़ी भीड़ को संभालना पुलिस का काम नहीं है. अगर सुरक्षा सेना के हाथ में होती, तो शायद यह हादसा नहीं होता." उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस हादसे में कई लोग अपने प्रियजनों को खो बैठे हैं, और वे रोने लगे.
सपा ने यूपी सरकार पर आरोप लगाए हैं. पार्टी ने कहा कि महाकुंभ में सरकारी अव्यवस्था, VIP की गुंडागर्दी, पुलिस और सरकारी भ्रष्टाचार के कारण आम आदमी को नुकसान हुआ है. सपा ने यह भी मांग की कि मृतकों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और घायलों का इलाज किया जाए. साथ ही, उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बीजेपी सरकार के झूठे दावों और प्रचार के कारण यह हादसा हुआ है.
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे उसी घाट पर स्नान करें, जहां वे पहले से हैं और संगम की तरफ न जाएं. उन्होंने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की भी अपील की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक घंटे के भीतर दो बार फोन पर बात की और घटना की जानकारी ली. उन्होंने तत्काल मदद पहुंचाने की अपील की. इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी सीएम से बात की और हर संभव मदद का भरोसा दिया. First Updated : Wednesday, 29 January 2025