राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वयंभू ईसाई पैगंबर बजिंदर सिंह के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले का संज्ञान लिया है और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है. पंजाब के कपूरथला में 22 वर्षीय महिला ने बजिंदर सिंह पर यौन उत्पीड़न, पीछा करने और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया है. हालांकि, पादरी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उनके खिलाफ यह एक साजिश है.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने पंजाब पुलिस से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि पीड़िता को सुरक्षा प्रदान की जाए. साथ ही, NCW ने तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) और प्राथमिकी (FIR) की प्रति प्रस्तुत करने को कहा है.
इसके अलावा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और जिला मजिस्ट्रेट (DM) को नोटिस जारी कर पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
महिला ने बताया कि उसने 17 साल की उम्र में बजिंदर सिंह के साथ काम करना शुरू किया था और तभी से वह उसे परेशान करता रहा. उसने आरोप लगाया कि बजिंदर सिंह उसे गलत तरीके से छूता था, शादी करने का दबाव डालता था, उसका पीछा करता था और धमकी देता था कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उसके परिवार को नुकसान पहुंचाएगा.
पीड़िता के अनुसार, 2022 में हर रविवार चर्च में उसे अकेले अपने केबिन में बुलाया जाता था, जहां वह उसे गलत तरीके से छूता था और शादी करने का दबाव डालता था.
महिला की शिकायत 20 फरवरी को दर्ज हुई, जिसके बाद 23 फरवरी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354-ए (यौन उत्पीड़न), 354-डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया.
हालांकि, रविवार को बजिंदर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया और दावा किया कि यह उनके खिलाफ रचा गया "षड्यंत्र" है. First Updated : Friday, 07 March 2025