पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए दावा किया कि भारत ने सैन्य ठिकानों पर हमला कर देश पर युद्ध थोप दिया है. उन्होंने कहा कि भारत की इस कार्रवाई में कई अहम हथियार नष्ट हो गए हैं, जिससे यह साफ है कि शांति को नजरअंदाज करते हुए भारत ने संघर्ष को हवा दी है. इस दौरान शरीफ ने संकट की इस घड़ी में सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की भूमिका की भी सराहना की.
शरीफ का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है. भारत ने पाकिस्तान पर हाल ही में हुए संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है. हालांकि भारत की ओर से शरीफ के आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई, लेकिन दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी गोलाबारी की खबरें मिल रही हैं. इससे क्षेत्र में व्यापक युद्ध छिड़ने की आशंका जताई जा रही है.
प्रधानमंत्री शरीफ ने अपने संबोधन में बताया कि पाकिस्तान ने युद्ध विराम को स्वीकार कर लिया है और वह सिंधु जल संधि और जम्मू-कश्मीर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत के साथ बातचीत की पहल करना चाहता है. उन्होंने कहा, “हमने युद्ध विराम की घोषणा की है और उम्मीद करते हैं कि दोनों देश मिलकर विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालेंगे.”
शरीफ ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने युद्ध विराम की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अलावा, उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), तुर्की, कतर, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों का समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन को ‘भाई’ कहते हुए संकट में साथ खड़े होने की सराहना की.
अपने संबोधन में शरीफ ने चीन की भूमिका की भी विशेष प्रशंसा की और उसे पाकिस्तान का "सच्चा और विश्वसनीय मित्र" बताया. उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीनी जनता को पिछले कई दशकों से मिल रहे सहयोग के लिए धन्यवाद कहा. First Updated : Sunday, 11 May 2025