Israel-Gaza war: इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने यरुशलम में रविवार को एक अहम बयान देते हुए कहा कि गाजा में जारी युद्ध तब समाप्त होगा, जब हमास अपने बंधकों को रिहा करेगा और अपने हथियार डाल देगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध का अंत तभी संभव है जब फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास युद्ध बंद करने और गाजा से अपनी सेनाओं को वापस बुलाने पर सहमत हो. यह बयान हमास द्वारा दिए गए इसी तरह के शर्तों के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने बंधकों की रिहाई की पेशकश की थी, यदि इजरायल युद्ध समाप्ति के लिए राजी हो.
गिदोन सार के इस बयान ने युद्ध की समाप्ति की शर्तों को स्पष्ट कर दिया है, लेकिन इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच गहरा अविश्वास भी सामने आया है. हमास की मांगें और इजरायल की शर्तें एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं, जिससे शांति वार्ता और मध्यस्थता की प्रक्रिया जटिल हो जाती है. इस बयान से क्षेत्रीय और वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों में नई चर्चाएं और संभावनाएं उत्पन्न हो सकती हैं, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को आपसी विश्वास की आवश्यकता होगी.
इसी बीच, इजरायली सेना ने गाजा शहर में रहने वाले फिलिस्तीनी नागरिकों को आदेश दिया है कि वे शहर खाली कर दक्षिण में स्थित मानवीय क्षेत्र में चले जाएं. इस आदेश के साथ ही सेना ने गाजा के बहुमंजिला इमारतों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. इस कदम के कारण मानवीय संकट और भी गंभीर हो गया है. सहायता संगठनों ने चेतावनी दी है कि गाजा से बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन खाद्य संकट और अन्य मानवीय समस्याओं को और गहरा सकता है.
गाजा में जारी संघर्ष के चलते खाद्य संकट बेहद विकराल हो चुका है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकालग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है. पिछले लगभग दो वर्षों से युद्ध की वजह से हजारों परिवार बार-बार विस्थापित हो चुके हैं. इन परिवारों के लिए सुरक्षित ठिकाना मिलना मुश्किल हो गया है क्योंकि इजरायली सेना ने कई बार उन इलाकों पर भी बमबारी की है जिन्हें मानवीय क्षेत्र घोषित किया गया था. ऐसे में गाजा के लोग अपने लिए सुरक्षित स्थान की तलाश में हैं, लेकिन लगातार बमबारी और संघर्ष के कारण उनके सामने विकल्प कम होते जा रहे हैं. First Updated : Sunday, 07 September 2025