टेक्सास स्थित स्पेसएक्स के स्टारबेस में भारत के प्रमुख व्यापारिक हस्तियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एलन मस्क ने अमेरिका और भारत के रिश्तों में मजबूती के संकेत दिए. मस्क का मानना है कि दोनों देशों के बीच तकनीकी और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं बढ़ रही हैं. मस्क ने यह भी कहा कि वह दोनों देशों के बीच व्यापार बाधाओं को कम करने के पक्ष में हैं और इस दिशा में सकारात्मक बदलाव देख रहे हैं.
एलन मस्क ने भारतीय व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए कहा, "चीजें सकारात्मक हो रही हैं. मैं निश्चित रूप से अमेरिका और भारत के बीच वाणिज्य बढ़ाने के लिए व्यापार बाधाओं को कम करने के पक्ष में हूं." मस्क ने भारत को "प्राचीन सभ्यताओं में से एक और बहुत महान तथा बहुत जटिल सभ्यता" करार दिया और बताया कि वह दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीकी सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए तत्पर हैं.
मस्क ने भारतीय व्यापारियों के साथ संवाद में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि भारत का उदय असीमित अवसरों को प्रस्तुत करता है और यह दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी की संभावनाओं को दर्शाता है. इस संवाद में मस्क ने यह भी कहा कि भारत वैश्विक नवाचार परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आने वाले समय में इसके प्रभाव में और वृद्धि होगी.
इस खास बैठक में भारतीय व्यापार जगत के कुछ बड़े नाम भी शामिल थे, जिनमें एस्सार कैपिटल के निदेशक प्रशांत रुइया, कोटक811 के सह-प्रमुख जय कोटक, ओयो के संस्थापक रितेश अग्रवाल, फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण रमन और आदित्य बिड़ला प्रबंधन निगम के निदेशक आर्यमन बिड़ला जैसे प्रमुख व्यापारिक हस्तियां शामिल थी.
इस दौरान मस्क ने भारतीय व्यापारियों को स्पेसएक्स की अत्याधुनिक अंतरिक्ष अन्वेषण सुविधाओं का दौरा भी कराया और स्टारशिप फ्लाइट 7 के सफल प्रक्षेपण को देखा. उन्होंने इस क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग के अवसरों पर भी विचार साझा किए.
मस्क के बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका और भारत के बीच गहरी साझेदारी की संभावना है, जो दोनों देशों के लिए लाभकारी हो सकती है. मस्क ने बताया कि वह दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक रिश्तों और आर्थिक सहयोग के पक्ष में हैं और उनका मानना है कि यह सहयोग दोनों देशों के लिए कई नई संभावनाएं खोलेगा.
आईजीएफ के संस्थापक मनोज लाडवा ने इस बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आयोजन भारत और वैश्विक अग्रदूतों के बीच प्रौद्योगिकी-संचालित भविष्य को आकार देने में सहयोग के बढ़ते महत्व को दर्शाता है. उन्होंने यह भी कहा, "भारत का उदय असीमित अवसर प्रस्तुत करता है और यह बैठक शक्तिशाली साझेदारी की संभावना को दर्शाती है." First Updated : Saturday, 18 January 2025