अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ डील पर बड़ा बयान देकर वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है. ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका शुक्रवार से दुनिया के सभी व्यापारिक साझेदार देशों को पत्र भेजना शुरू करेगा, जिसमें बताया जाएगा कि उन्हें अमेरिकी बाजार में व्यापार करने के लिए कितना टैरिफ देना होगा.
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनका झुकाव 'सरल व्यापार मॉडल' की ओर है, जहां हर देश को एक निश्चित टैरिफ दर के आधार पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश मिलेगा. उन्होंने कहा कि 170 से ज्यादा देशों के साथ अलग-अलग व्यापार समझौते करने के बजाय, सीधे-सीधे टैरिफ निर्धारित करना ज्यादा बेहतर है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मेरा झुकाव एक पत्र भेजने और ये बताने का है कि देश क्या टैरिफ चुकाने जा रहे हैं. हमारे पास 170 से ज्यादा देश हैं. और आप कितने सौदे कर सकते हैं? और आप अच्छे सौदे कर सकते हैं, लेकिन वे बहुत ज्यादा जटिल हैं.
उन्होंने आगे कहा कि मैं एक सरल सौदा करना चाहता हूं, जहां आप इसे बनाए रख सकें और इसे नियंत्रित कर सकें. आप 20 प्रतिशत या 30 प्रतिशत टैरिफ का भुगतान करने जा रहे हैं और हम कुछ पत्र भेजने जा रहे हैं, शायद प्रतिदिन 10, विभिन्न देशों को, जिसमें बताया जाएगा कि वे अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए क्या भुगतान करने जा रहे हैं.
अमेरिका ने हाल ही में कई एशियाई देशों पर भारी टैरिफ लगाए हैं:
थाईलैंड पर 36%
इंडोनेशिया पर 32%
जापान पर 24% (बातचीत में गतिरोध के बाद)
दक्षिण कोरिया पर 25%
मलेशिया पर 24%
यूरोपीय संघ पर 20%
ताइवान पर 32% — जो विश्व का प्रमुख सेमीकंडक्टर निर्माता है.
अगर भारत और अमेरिका के बीच जल्द कोई व्यापार समझौता नहीं होता, तो भारत भी इन उच्च टैरिफ दरों के दायरे में आ सकता है. फिलहाल भारत के प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका में टैरिफ छूट और अन्य शर्तों पर बातचीत पूरी कर ली है, लेकिन अंतिम सहमति अभी भी लंबित है. First Updated : Friday, 04 July 2025