अफगान सेना ने पाकिस्तानी चौकियों पर किया हमला, डूरंड लाइन पर ताबड़तोड़ फारयरिंग...बॉर्डर पर युद्ध जैसे हालात

डूरंड लाइन पर अफगानिस्तान की सेना ने पाकिस्तानी चौकियों पर हमला कर रविवार के हवाई हमलों का करारा जवाब दिया है. इस सैन्य कार्रवाई में कई चौकियों के तबाह होने और जानमाल के भारी नुकसान की खबर सामने आई है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर एक बार फिर युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं. मंगलवार शाम को अफगान सेना ने सीमा पर स्थित पाकिस्तानी मिलिट्री की चौकियों को निशाना बनाते हुए भीषण गोलीबारी शुरू कर दी. यह हमला पाकिस्तान द्वारा रविवार तड़के किए गए हवाई हमलों के जवाब में किया गया है. इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र की शांति को खतरे में डाल दिया है. सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग दहशत में हैं और दोनों ओर से भारी हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

सीमा पर भीषण जवाबी कार्रवाई

अफगान सेना ने नंगरहार प्रांत के नाजियान और डरबाबा जिलों में डूरंड लाइन के पास पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों में पाकिस्तानी सेना की कई चौकियां पूरी तरह नष्ट हो गई हैं. हालांकि अफगान तालिबान ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जमीनी रिपोर्टों से पता चलता है कि यह कार्रवाई काफी योजनाबद्ध थी. रविवार के हवाई हमले के बाद अफगानिस्तान ने पहले ही कड़े जवाब की चेतावनी दी थी, जिसे अब अमलीजामा पहनाया गया है.

हवाई हमलों से उपजा आक्रोश

तनाव की मुख्य वजह रविवार तड़के पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में की गई एयरस्ट्राइक है. पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने टीटीपी जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया है. लेकिन अफगानिस्तान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. काबुल का कहना है कि पाकिस्तान ने सैन्य ठिकानों के बजाय रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें मासूम औरतों और बच्चों की जान चली गई. इसी नाराजगी ने बॉर्डर पर बारूद सुलगा दिया है.

क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए...

रविवार के हमलों के बाद अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की ओर से किया गया हमला उनकी संप्रभुता का उल्लंघन है और वे इसका जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं. मंगलवार की सैन्य कार्रवाई इसी आधिकारिक रुख का परिणाम है. अफगान बलों ने पाकिस्तानी सेना की उन्हीं जगहों को टारगेट किया है जहां से सीमा पार गतिविधियां संचालित होने का संदेह था.

आतंकवाद और पनाहगाहों का विवाद

पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ आतंकी हमलों के लिए किया जा रहा है. इस्लामाबाद का तर्क है कि टीटीपी जैसे संगठन वहां सुरक्षित पनाह पा रहे हैं. इन्हीं आरोपों के कारण पिछले साल अक्टूबर में भी दोनों देशों के बीच गंभीर सैन्य तनाव पैदा हुआ था. तब अरब देशों की मध्यस्थता से किसी तरह सीजफायर हुआ था. लेकिन ताजा हवाई हमलों और उसके बाद हुई जवाबी फायरिंग ने उस शांति समझौते को लगभग खत्म कर दिया है.

बॉर्डर पर बढ़ता सैन्य जमावड़ा

इस समय डूरंड लाइन के आसपास दोनों देशों ने अपनी सैन्य गश्त और चौकसी बढ़ा दी है. सीमा के कई संवेदनशील बिंदुओं पर भारी तोपखाने तैनात किए गए हैं. नंगरहार और आसपास के जिलों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कई जगहों पर अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग जारी है. यदि कूटनीतिक स्तर पर इस तनाव को कम नहीं किया गया, तो यह छिटपुट झड़प एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकती है.

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