ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, कैरियर ग्रुप हमले के लिए हुआ रवाना!

अमेरिका ईरान तनाव के बीच पेंटागन ने दक्षिण चीन सागर से एक विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप को मध्य पूर्व की ओर भेजा है, जो कि एक हफ्ते में पहुंच जाएगा.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच बड़ा सैन्य कदम उठाया है. पेंटागन ने दक्षिण चीन सागर से एक विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप को मध्य पूर्व की ओर भेजा है. यह ग्रुप यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के इलाके में तैनात होगा, जहां ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसक दमन की वजह से स्थिति नाजुक बनी हुई है.

एक हफ्ते में पहुंचेगा ग्रुप 

यह स्ट्राइक ग्रुप मुख्य रूप से यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर आधारित है. इसमें कई युद्धपोत, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और कम से कम एक हमलावर पनडुब्बी शामिल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ग्रुप को वहां पहुंचने में करीब एक हफ्ता लगेगा.

फिलहाल मध्य पूर्व में कोई अमेरिकी विमानवाहक पोत तैनात नहीं है. यह कदम अमेरिकी सैन्य ताकत को मजबूत करने का संकेत है. दक्षिण चीन सागर में रूटीन ऑपरेशन के दौरान यह ग्रुप F-35C फाइटर जेट्स के साथ लाइव फायर ड्रिल कर रहा था. 

ईरान में विरोध प्रदर्शन और हिंसा जारी

ईरान में दिसंबर के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं. महंगाई, आर्थिक संकट और मुद्रा के गिरने से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए है. सभी 31 प्रांतों में लाखों लोग सड़कों पर उतरे हैं.

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हुई है और हजारों गिरफ्तार किए गए हैं. इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है. ईरान ने हवाई क्षेत्र भी बंद किया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है.

ट्रंप प्रशासन की चेतावनी

ट्रंप प्रशासन ईरान के प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई की निंदा कर रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रदर्शनकारियों को मदद मिलेगा. उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर दमन जारी रहा तो मजबूत कार्रवाई होगी. पेंटागन ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य, साइबर और अन्य विकल्पों की जानकारी दी है. हालांकि, कोई तत्काल हमले की पुष्टि नहीं हुई है. 

अमेरिकी बेसों से कर्मचारियों की निकासी

तनाव के चलते अमेरिका ने मध्य पूर्व के अपने सबसे बड़े बेस अल उदैद (कतर) से कुछ कर्मचारियों को निकालने का आदेश दिया है. यह एहतियाती कदम है, ताकि किसी हमले की स्थिति में नुकसान कम हो. सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने भी कर्मचारियों को सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा रोकने की सलाह दी है.

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