ईरान-इजराइल युद्ध के बीच उत्तर कोरिया ने अमेरिका पर हमले की योजना बनाई, किया एक और मिसाइल टेस्ट
उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अमेरिका को चौंकाने वाली तैयारी कर ली है. रविवार को किम जोंग उन खुद मौजूद रहे जब देश ने ऐसे मिसाइल इंजन का सफल परीक्षण किया, जो सीधे अमेरिकी धरती तक पहुंचकर वार कर सकता है.

उत्तर कोरिया ने अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच एक बार फिर अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने का जोरदार प्रदर्शन किया है. नेता किम जोंग उन की मौजूदगी में सॉलिड फ्यूल इंजन का सफल परीक्षण किया गया, जिसका इस्तेमाल लंबी दूरी की मिसाइलों में होने वाला है. उत्तर कोरिया का स्पष्ट लक्ष्य अमेरिकी धरती तक सीधा हमला करने की क्षमता हासिल करना है.
कोरियन एजेंसी के अनुसार, किम जोंग उन ईरान पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका और इजरायल पर काफी नाराज हैं. उन्होंने अपने भाषण में अमेरिका को आतंकवादी तक कह दिया.
किम जोंग उन की मौजूदगी में इंजन टेस्ट
रविवार को उत्तर कोरिया ने 2500 किलोटन पेलोड ले जाने में सक्षम सॉलिड फ्यूल इंजन का परीक्षण किया. सितंबर महीने में किए गए पिछले टेस्ट में यह इंजन 1900 किलोटन भार ले जाने की क्षमता रखता था. इस बार की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है. केसीएनए ने बताया कि किम जोंग उन ने स्वयं इस टेस्ट का निरीक्षण किया. हालांकि, एजेंसी ने परीक्षण की जगह या समय के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.
अमेरिका को सीधी चुनौती
जानकारों का मानना है कि उत्तर कोरिया अमेरिका को सीधी चुनौती देते हुए अपनी सैन्य शक्ति लगातार बढ़ा रहा है. देश पांच वर्षीय सैन्य शक्ति अभियान चला रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य परमाणु क्षमता और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल तैयार करना है.
एक रिपोर्ट के अनुसार किम ने कहा कि नवीनतम इंजन परीक्षण का देश की सामरिक सैन्य ताकत को सर्वोच्च स्तर पर पहुंचाने में बहुत महत्व है.
मिसाइल क्षमता में वृद्धि का प्रयास
उत्तर कोरिया हाल के वर्षों में कई ऐसी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है जो अमेरिकी मुख्यभूमि तक पहुंचने में सक्षम मानी जाती हैं. ठोस प्रणोदक वाली मिसाइलें प्रक्षेपण से पहले पता लगाना अधिक मुश्किल होता है. पर्यवेक्षकों का कहना है कि इंजन की शक्ति बढ़ाने की यह कोशिश संभवतः एक ही मिसाइल पर कई आयुध लगाने के प्रयासों से जुड़ी है, ताकि अमेरिकी रक्षा प्रणाली को भेदने की संभावना बढ़ाई जा सके.
किम का अमेरिका विरोधी बयान
किम जोंग उन ने कहा था कि अमेरिका विरोधी भावनाओं के उभार के बीच उसके खिलाफ संयुक्त मोर्चे में उत्तर कोरिया और मजबूत भूमिका निभाएगा. हालांकि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नाम नहीं लिया. उन्होंने कहा कि उनके दुश्मन चाहे टकराव का विकल्प चुनें या फिर शांतिपूर्ण सह अस्तित्व का, लेकिन वह किसी भी विकल्प का जवाब देने के लिए तैयार हैं.


