TTP BLA attack Pakistan: भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान को अपनी ही सरजमीं पर आतंकियों और विद्रोहियों के भीषण हमलों का सामना करना पड़ रहा है. दक्षिण वजीरिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने पाकिस्तान सेना की एक चौकी पर बड़ा हमला किया, जिसमें 20 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई. वहीं बलूच विद्रोहियों ने अलग-अलग हमलों में दो और सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया. इन हमलों से पाकिस्तान सेना की चुनौतियां तीन मोर्चों पर और भी ज्यादा बढ़ गई हैं.
गुरुवार रात को दक्षिण वजीरिस्तान के शकाई उपमंडल स्थित डॉन्गगेट चौकी पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी टीटीपी ने ली है. संगठन ने दावा किया है कि यह एक बहु-चरणीय (multi-phase) ऑपरेशन था, जिसमें पहले लेजर-गाइडेड राइफलों से छह सैनिकों को मार गिराया गया, फिर सहायता के लिए भेजे गए सैन्य काफिले को एम्बुश कर 20 जवानों को मौत के घाट उतार दिया गया.
टीटीपी ने इस हमले के पीछे एक बड़ा कारण भी बताया है. संगठन ने पाकिस्तान सेना पर आरोप लगाया है कि उसने जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मरकज की लोकेशन भारत को लीक की थी, जिसके बाद उस पर भारतीय एयर स्ट्राइक में 14 लोगों की मौत हो गई थी. मृतकों में जैश प्रमुख मसूद अजहर के 10 परिजन भी शामिल थे.
टीटीपी के प्रवक्ता मोहम्मद खोरासानी ने इस घटना पर गहरा शोक जताते हुए पाकिस्तान सेना को "गद्दार और पश्चिमी ताकतों का दलाल" बताया. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान की सेना एक पेशेवर हत्यारों का गिरोह बन चुकी है जो अपने ही लोगों को विदेशी ताकतों के हाथ बेच रही है." उन्होंने ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में मारे जाने को भी इसी कड़ी का हिस्सा बताया.
शुक्रवार शाम बलूच स्वतंत्रता सेनानियों ने भी कई जगहों पर पाकिस्तानी बलों और उनके ठिकानों पर हमले किए. टर्बत के डी बलोच क्षेत्र में एक ग्रेनेड हमला किया गया, वहीं क्वेटा के हज़ारगंजी और फ़ैज़ाबाद इलाकों में सेना की चौकियों पर दो ग्रेनेड हमले किए गए.
ये हमले ऐसे वक्त में हुए हैं जब दो दिन पहले बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बोलान में पाकिस्तानी सैन्य वाहन को आईईडी से निशाना बनाया था, जिसमें आठ सैनिक मारे गए थे. मृतकों में एक विशेष अभियान कमांडर भी शामिल था. छह सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए थे.
इससे एक हफ्ता पहले, बीएलए ने क्वेटा में एक और आईईडी हमले को अंजाम दिया था, जिसमें 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे. अब टीटीपी के 'ऑपरेशन खंदक' और बीएलए की घातक रणनीतियों से पाकिस्तान सेना बुरी तरह घिर चुकी है.
बीएलए द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे स्नाइपर, रिमोट कंट्रोल ब्लास्ट और एम्बुश रणनीति ने सेना की हालत को और खराब कर दिया है. पाकिस्तान फिलहाल भारत के साथ सीमा पर तनाव, अंदरूनी आतंकवादी हमले और बलूच विद्रोहियों के खिलाफ तीन मोर्चों पर एक साथ लड़ाई लड़ रहा है. First Updated : Saturday, 10 May 2025