10 दिन की चंद्रमा यात्रा के बाद सुरक्षित लौटे आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री, प्रशांत महासागर में उतरा NASA का यान
चंद्रमा की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित लौट आए है. करीब 10 दिनों की रोमांचक चंद्र यात्रा के बाद शनिवार को सभी यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटे. उनका अंतरिक्ष यान प्रशांत महासागर में सफलतापूर्वक उतरा.

करीब 10 दिनों की रोमांचक और ऐतिहासिक चंद्र यात्रा पूरी करने के बाद आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री शनिवार तड़के (भारतीय समयानुसार) सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए. उनका अंतरिक्ष यान प्रशांत महासागर में सफलतापूर्वक उतरा. इस मिशन में कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल थे. सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है.
पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान कुछ समय के लिए संपर्क टूटने के बाद, नासा ने दोबारा अंतरिक्ष यात्रियों से संपर्क स्थापित कर लिया. मिशन कमांडर वाइजमैन ने बताया कि पूरा दल पूरी तरह स्वस्थ और ऊर्जा से भरा हुआ है. नासा के अधिकारी रॉब नावियास ने भी पुष्टि की कि सभी अंतरिक्ष यात्री अच्छी स्थिति में हैं.
Welcome home Reid, Victor, Christina, and Jeremy! 🫶
The Artemis II astronauts have splashed down at 8:07pm ET (0007 UTC April 11), bringing their historic 10-day mission around the Moon to an end. pic.twitter.com/1yjAgHEOYl— NASA (@NASA) April 11, 2026
वायुमंडल में वापसी: सबसे कठिन परीक्षा
पृथ्वी की ओर लौटते समय अंतरिक्ष यान बेहद तेज गति से, यानी ध्वनि की गति से लगभग 30 गुना अधिक रफ्तार से यात्रा कर रहा था. इस दौरान उसे बहुत अधिक गर्मी का सामना करना पड़ा, जो सूर्य की सतह के तापमान के लगभग आधे के बराबर थी. यह मिशन खास तौर पर हीट शील्ड की मजबूती को परखने के लिए भी अहम था, क्योंकि पिछले परीक्षण में इसमें कुछ दिक्कतें सामने आई थीं. हालांकि इस बार यान ने पूरी प्रक्रिया को बिना किसी परेशानी के सफलतापूर्वक पूरा किया, जो नासा के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
मिशन की खास बातें
यह मिशन 1 अप्रैल को फ्लोरिडा से शुरू हुआ था और लगभग 10 दिनों तक चला. इसे भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों को उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह पहली बार था जब इस कार्यक्रम के तहत किसी मानवयुक्त मिशन को अंजाम दिया गया.
आर्टेमिस II का मुख्य उद्देश्य ओरियन कैप्सूल की विश्वसनीयता को जांचना था, जिसमें पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों ने सफर किया. इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा की परिक्रमा की और पृथ्वी से अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तय करने का रिकॉर्ड बनाया, लगभग 4 लाख किलोमीटर से अधिक.
इस मिशन ने कई नए रिकॉर्ड भी बनाए. विक्टर ग्लोवर चंद्रमा की परिक्रमा करने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री बने, वहीं क्रिस्टीना कोच इस उपलब्धि को हासिल करने वाली पहली महिला बनीं. जेरेमी हैनसेन पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बने जिन्होंने यह यात्रा पूरी की.
यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने हजारों तस्वीरें लीं, जिनमें पृथ्वी और चंद्रमा के अद्भुत दृश्य कैद हुए. उन्होंने सूर्य ग्रहण का भी अवलोकन किया और चंद्रमा की सतह पर उल्कापिंडों के कुछ असामान्य प्रभाव देखे, जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया.


