Artemis II मिशन: चांद के लिए NASA की नई उड़ान

NASA का Artemis II मिशन 1972 के बाद पहला क्रूड लूनर मिशन है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा तक जाकर सुरक्षित लौटेंगे. यह मिशन भविष्य में मानव को चांद पर उतारने की तैयारी का अहम कदम है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: NASA का Artemis II मिशन करीब 10 दिनों का क्रूड लूनर मिशन है, जिसका उद्देश्य Orion स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम्स का परीक्षण करना है. लॉन्च के बाद यान पृथ्वी की कक्षा में पहुंचा, जहां पहले दो दिनों तक लाइफ सपोर्ट, नेविगेशन और प्रोपल्शन सिस्टम की जांच की गई. इसके बाद 'ट्रांसलूनर इंजेक्शन' के जरिए यान को चंद्रमा की ओर भेजा गया. तीसरे और चौथे दिन अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से सबसे लंबी दूरी तय करते हुए चंद्रमा की ओर बढ़ते हैं. मिशन के मध्य में Orion 'फ्री-रिटर्न ट्राजेक्टरी' से चंद्रमा के पीछे से गुजरता है, जो उसे स्वतः पृथ्वी की ओर मोड़ देता है. वापसी के दौरान पावर, थर्मल और अन्य सिस्टम्स का परीक्षण जारी रहता है. अंत में यान 25,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है और प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग करता है.
 

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