ईरान-सऊदी तनाव के बीच पाकिस्तान की नई चाल? 'फॉल्स फ्लैग' नैरेटिव को लेकर उठे सवाल
डॉन की रिपोर्ट में भारत पर "फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन" की साजिश रचने का दावा किया गया है, जिसे लेकर क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है. इस नैरेटिव के पीछे ISI की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की ओर से एक नया नैरेटिव सामने आया है, जिसने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. डॉन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत अपने ही क्षेत्र में "फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन" को अंजाम देने की योजना बना सकता है, जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तानी नागरिकों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
हालांकि, इस दावे के समय और संदर्भ ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. खासतौर पर तब, जब पहलगाम आतंकी हमले की बरसी नजदीक है और क्षेत्रीय हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं.
फॉल्स फ्लैग को लेकर नया दावा
डॉन की रिपोर्ट में कहा गया है कि "पकड़े गए संदेशों" से यह संकेत मिलता है कि भारत अपनी सीमाओं के भीतर एक फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन की योजना बना रहा है.
यह वही नैरेटिव है जिसे पाकिस्तान पहले भी पहलगाम हमले के बाद उठाता रहा है, जिसमें उसने भारत पर ही आरोप लगाए थे.
ISI का प्रचार अभियान?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे नैरेटिव को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के जरिए तैयार और फैलाया गया है.
बताया गया है कि इस अभियान का मसौदा मेजर जनरल मुहम्मद मुश्ताक अली ने तैयार किया, जिसे बाद में मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए व्यापक रूप से फैलाया गया.
इसमें पाकिस्तान सेना की X Corps और ISPR की भी भूमिका बताई गई है.
सोशल मीडिया के जरिए फैलाया गया नैरेटिव
रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि इस संदेश को फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर बॉट्स यानी फर्जी अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया.
इस तरह के अभियान के जरिए एक खास माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है.
भारत में हमले की आशंका पर चर्चा
इस नैरेटिव में यह दावा भी किया गया है कि भारत किसी संभावित हमले का आरोप पाकिस्तान पर डाल सकता है, और इसके लिए भारतीय जेलों में बंद पाकिस्तानी नागरिकों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
हालांकि, इन दावों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है.
क्षेत्रीय तनाव और रणनीतिक समीकरण
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि मौजूदा हालात में पाकिस्तान पर क्षेत्रीय दबाव बढ़ा हुआ है, खासकर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते.
इसी संदर्भ में भारत के साथ तनाव बढ़ाने की कोशिशों को भी जोड़ा जा रहा है.
पहलगाम हमले की बरसी से पहले बढ़ी सक्रियता
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले की बरसी नजदीक है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले भी इस तरह के दावे हमलों से पहले सामने आते रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं.


