क्या बाबा वेंगा ने पहले ही देख लिया था ईरान-इजरायल जंग का अंत, भविष्यवाणी से उठे नए सवाल
ईरान-इजरायल जंग के बीच बाबा वेंगा की भविष्यवाणी फिर चर्चा में है। दावा है कि उन्होंने बड़े वैश्विक युद्ध की चेतावनी दी थी, लेकिन अंत को लेकर तस्वीर साफ नहीं है।

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता टकराव अब वैश्विक चिंता बन चुका है। कई लोग इसे तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत मान रहे हैं। इसी बीच बुल्गारिया की रहस्यमयी भविष्यवक्ता बाबा वेंगा की भविष्यवाणी फिर चर्चा में आ गई है। कहा जा रहा है कि उन्होंने 2026 में बड़े युद्ध की चेतावनी दी थी। मौजूदा हालात देखकर यह दावा और मजबूत होता दिख रहा है।
क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के करीब है?
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। खाड़ी देशों तक हमलों की खबरें सामने आई हैं। इससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। यही कारण है कि लोग इसे विश्व युद्ध जैसे हालात से जोड़कर देख रहे हैं। डर और अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है।
बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां कितनी सटीक मानी जाती हैं?
बाबा वेंगा को ‘बाल्कन की नास्त्रेदमस’ भी कहा जाता है। माना जाता है कि उन्होंने कई बड़ी घटनाओं का पहले ही संकेत दिया था। जैसे प्रिंसेस डायना की मौत और 9/11 हमला। हालांकि इन दावों पर हमेशा बहस रही है। फिर भी उनकी भविष्यवाणियों का असर लोगों पर आज भी बना हुआ है। यही वजह है कि हर बड़ी घटना में उनका नाम सामने आ जाता है।
क्या किसी और ने भी ऐसा ही दावा किया?
एक और नाम इन दिनों चर्चा में है। सेलिना एवलॉन, जिन्हें नई बाबा वेंगा कहा जा रहा है। उनका दावा है कि ईरान-इजरायल संघर्ष और बढ़ेगा। हालात और खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने नेतृत्व में बड़े बदलाव और उथल-पुथल की भी बात कही है। उनका कहना है कि यह दौर दुनिया के लिए निर्णायक साबित होगा।
नास्त्रेदमस ने क्या कहा था?
फ्रांस के प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां भी फिर चर्चा में हैं। उनकी किताब ‘लेस प्रोफेसीज’ में 2026 के लिए बड़े युद्ध का जिक्र बताया जाता है। एक कथन के अनुसार यह युद्ध सात महीने तक चल सकता है। अगर मौजूदा जंग को देखें तो इसका समय सितंबर तक माना जा रहा है।
क्या इस जंग का अंत तय है?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस जंग का अंत तय है। बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों में इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। उन्होंने बड़े संघर्ष का संकेत दिया था, लेकिन अंत की तारीख नहीं बताई। वहीं नास्त्रेदमस के अनुसार यह युद्ध सीमित समय तक चल सकता है। लेकिन इन दावों की पुष्टि करना आसान नहीं है।
हकीकत और भविष्यवाणी में फर्क क्या है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्यवाणियां संकेत देती हैं, लेकिन असली फैसले जमीनी हालात तय करते हैं। राजनीति, कूटनीति और सैन्य रणनीति ही जंग का भविष्य तय करेंगी। ऐसे में इन भविष्यवाणियों को पूरी तरह सच मानना सही नहीं है। फिर भी यह सच है कि इन दावों ने दुनिया भर में चिंता जरूर बढ़ा दी है।


