जकार्ता में तूफ़ानी हवाओं के बीच बोइंग 737 की खतरनाक लैंडिंग, हादसा टला

27 जून को इंडोनेशिया के जकार्ता स्थित सोकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बड़ा विमान हादसा होते-होते बच गया.

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27 जून को इंडोनेशिया के जकार्ता स्थित सोकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बड़ा विमान हादसा होते-होते बच गया, जब बाटिक एयर का बोइंग 737-800 विमान बेहद खराब मौसम में लैंडिंग के दौरान तेज क्रॉसविंड (आड़ी हवाओं) की चपेट में आ गया. भारी बारिश के बीच रनवे पर फिसलते हुए विमान की यह रोमांचक लैंडिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है.

तेज बारिश और झोंकों के बीच लैंडिंग का संघर्ष

फ्लाइट संख्या PK-LDJ लैंडिंग के अंतिम चरण में थी, तभी अचानक आई तेज आंधी और क्रॉसविंड के चलते विमान का संतुलन बिगड़ गया. वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि विमान झूलते हुए एक ओर झुका, उसके एक पंख का सिरा लगभग रनवे से टकराने ही वाला था. हालांकि, पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता के चलते विमान को सफलतापूर्वक संभाल लिया गया और उसे सुरक्षित लैंड करा दिया गया. विमान में कुल 157 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे. सभी को सुरक्षित उतार लिया गया. किसी को कोई चोट नहीं आई.

तत्काल निरीक्षण और जांच प्रक्रिया शुरू

लैंडिंग के तुरंत बाद विमान का तकनीकी परीक्षण किया गया. बाटिक एयर और हवाई अड्डे के इंजीनियरों ने जांच के बाद पुष्टि की और विमान को कोई संरचनात्मक नुकसान नहीं पहुंचा. विमान को आगे उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई है.

इंडोनेशिया के नागरिक उड्डयन महानिदेशक नोवी रियान्टो ने पायलट की कुशलता की सराहना करते हुए कहा कि क्रू ने आपातकालीन स्थिति में सभी तय मानकों का पालन किया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की. इस घटना की आंतरिक जांच जारी है, जिसमें मौसम, तकनीकी प्रदर्शन और चालक दल की प्रतिक्रिया की समीक्षा की जाएगी.

विमानन सुरक्षा पर फिर से चिंता

हाल की इस घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताओं को एक बार फिर सतह पर ला दिया है. यह दुर्घटना एयर इंडिया के 12 जून की दुखद ड्रीमलाइनर दुर्घटना के बाद हुई, जिसमें 240 से अधिक लोगों की जान गई थी.

वहीं, वियतनाम एयरलाइंस के बोइंग 787 की हालिया टैक्सी दुर्घटना ने भी विमान संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों की अहमियत को रेखांकित किया है. हालांकि बाटिक एयर की यह घटना बिना किसी नुकसान के समाप्त हुई, लेकिन इसने यह स्पष्ट कर दिया कि विपरीत मौसम में पायलटों का प्रशिक्षण, धैर्य और त्वरित निर्णय कितना अहम होता है. First Updated : Monday, 30 June 2025