ब्रिटेन ने शरणार्थियों के लिए सख्त आव्रजन नियम किए लागू

ब्रिटेन ने शरणार्थियों के लिए नई सख्त आव्रजन नीति लागू की है, जिसमें उन्हें स्थायी निवास और परिवार को बुलाने का अधिकार नहीं मिलेगा. इसके तहत नागरिक बनने के लिए लंबी शर्तें पूरी करनी होंगी और योग्यता अवधि 10 साल कर दी जाएगी.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिका की तरह अब ब्रिटेन ने भी प्रवासियों के लिए अपने नियम कठोर करने का निर्णय लिया है. बुधवार को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, भविष्य में शरण लेने वाले लोगों को ब्रिटेन में स्थायी रूप से बसने या अपने परिवार को यहां लाने का अधिकार नहीं मिलेगा.

लेबर सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब देश में पॉपुलिस्ट रिफॉर्म यूके पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर दबाव बढ़ रहा है. सरकार का उद्देश्य अवैध प्रवास को रोकना है. विशेष रूप से वे लोग जो फ्रांस से इंग्लिश चैनल पार कर छोटी नावों के जरिए ब्रिटेन पहुंचते हैं.

स्थायी निवास की राह हुई लंबी

मौजूदा कानून के तहत शरणार्थियों को पांच साल बाद स्थायी निवास का दर्जा हासिल करने का अधिकार मिलता था. लेकिन नए नियमों के अनुसार अब इस पर कोई स्वत: गारंटी नहीं होगी. इसके बजाय आवेदकों को लंबे और जटिल मूल्यांकन से गुजरना होगा, जिसमें यह देखा जाएगा कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और समाज में किस प्रकार का योगदान दिया है.

गृह मंत्री शबाना महमूद द्वारा प्रस्तुत योजना में स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश नागरिकता या स्थायी निवास चाहने वालों को कई शर्तें पूरी करनी होंगी. इनमें सामाजिक सुरक्षा योगदान, आपराधिक रिकॉर्ड से मुक्त होना, अंग्रेजी भाषा में दक्षता और समुदाय में स्वयंसेवा शामिल हैं. साथ ही सरकार स्थायी निवास की योग्यता अवधि को दोगुना कर 10 साल करने की तैयारी कर रही है.

परिवारों के पुनर्मिलन पर रोक

सरकार की घोषणा में यह भी साफ किया गया कि शरणार्थी अब अपने परिवार के सदस्यों को ब्रिटेन नहीं बुला पाएंगे. दरअसल, सितंबर में ही सरकार ने पारिवारिक पुनर्मिलन से संबंधित सभी नए आवेदनों को खारिज कर दिया था.

मूल सुरक्षा बनी रहेगी, लेकिन स्पष्टता की कमी

हालांकि सरकार ने यह आश्वासन दिया है कि शरणार्थियों को उनके मूल देशों में वापस नहीं भेजा जाएगा और उन्हें मूलभूत सुरक्षा प्रदान की जाएगी. लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सभी शर्तों को पूरा करने के बाद स्थायी निवास के लिए उन्हें कितने वर्षों तक इंतजार करना पड़ेगा. प्रशासन ने कहा कि इस बारे में विस्तृत दिशा निर्देश वर्ष के अंत तक साझा किए जाएंगे.

इन बदलावों को ब्रिटेन की अब तक की सबसे कड़ी आव्रजन नीतियों में गिना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम देश में अवैध रूप से प्रवेश करने वालों पर अंकुश लगाने में मदद करेगा, लेकिन इससे शरणार्थियों की स्थिति और भी अस्थिर हो सकती है.

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