China Flash Flood: चीन की राजधानी बीजिंग और इसके आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने भीषण तबाही मचा दी है. सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 80,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. राजधानी के मियुन और यानकिंग जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया है.
बीजिंग के दूरदराज इलाकों में रातभर भारी बारिश होती रही, जिससे हालात और खराब हो गए. मियुन जिले में स्थित एक जलाशय के जलस्तर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने वहां से पानी छोड़ना शुरू किया. प्रशासन ने लोगों को नदियों और बहते पानी से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है.
सरकारी प्रसारक CCTV के अनुसार, बीजिंग के मियुन जिले में 28 और यानकिंग में 2 लोगों की मौत हुई है. ये दोनों इलाके शहर के बाहरी हिस्सों में स्थित हैं और डाउनटाउन से काफी दूर हैं. राहत कार्यों के तहत मियुन से लगभग 17,000 लोगों को निकाला गया है.
बीजिंग से सटे हेबेई प्रांत के लुआनपिंग काउंटी में भूस्खलन की घटना में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 अभी भी लापता हैं. स्थानीय निवासी ने ‘बीजिंग न्यूज’ को बताया कि इलाके में संचार सेवाएं बाधित हैं और वे अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं.
मियुन जिले के जलाशय में 1959 में इसके निर्माण के बाद पहली बार इतना जलस्तर देखा गया है. इसे देखते हुए जल निकासी की गई और प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है.
मियुन और आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी सड़कों पर गाड़ियों को बहा ले गया और बिजली के खंभे भी गिर गए. ताइशीतुन शहर में उखड़े हुए पेड़ जड़ों समेत सड़कों पर बिखरे नजर आए, जबकि दीवारों पर कीचड़ की परतें जम गईं.
झुआंग झेलिन, जो अपने भवन सामग्री की दुकान से कीचड़ साफ कर रहे थे, ने कहा, “बाढ़ इतनी तेजी से आई, बस एक ही झटके में सब कुछ भर गया. सोचने का भी वक्त नहीं मिला.” उनके पड़ोसी और पारंपरिक चीनी चिकित्सा के चिकित्सक वेई झेंगमिंग अपने क्लिनिक से कीचड़ निकालते हुए बोले, “चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी था. मैं कुछ नहीं कर सका, बस ऊपर की मंजिल पर भागा और बचाव दल का इंतजार करने लगा. उस वक्त मुझे लगा कि अगर कोई नहीं आया, तो हम फंस जाएंगे.”
बीजिंग प्रशासन ने सोमवार रात 8 बजे आपातकालीन स्थिति की घोषणा की और लोगों को घरों में रहने का आदेश दिया. सभी स्कूल बंद कर दिए गए, निर्माण कार्य रोक दिया गया और पर्यटक गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.
First Updated : Tuesday, 29 July 2025