नई दिल्ली : दक्षिण अमेरिका में वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद क्षेत्रीय राजनीति में उथल-पुथल तेज हो गई है. इस कार्रवाई पर अब पड़ोसी देश कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उन्हें पकड़ना चाहता है तो वे इसके लिए तैयार हैं. पेट्रो का यह बयान न केवल कूटनीतिक भाषा से हटकर है, बल्कि इससे अमेरिका-कोलंबिया संबंधों में बढ़ते तनाव की झलक भी मिलती है.
कोलंबिया की जनता मेरे साथ खड़ी है
गुस्तावो पेट्रो ने वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाती हैं. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि बमबारी जैसी स्थिति बनी, तो ग्रामीण इलाकों में प्रतिरोध उभर सकता है. पेट्रो ने दावा किया कि कोलंबिया की जनता उनके साथ खड़ी है और किसी भी बाहरी दबाव के खिलाफ देश की संप्रभुता की रक्षा करेगी. उनका कहना था कि उन्होंने कभी दोबारा हथियार उठाने की कसम खाई थी, लेकिन मातृभूमि पर खतरा आया तो वे पीछे नहीं हटेंगे.
अमेरिका-कोलंबिया रिश्तों में बढ़ता तनाव
दोनों देशों के बीच बयानबाजी उस समय और तीखी हो गई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कोलंबिया के नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए. ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि कोलंबिया को ऐसा व्यक्ति चला रहा है, जिसका ड्रग्स व्यापार से जुड़ा अतीत रहा है. उन्होंने यहां तक संकेत दिया कि वेनेजुएला की तरह कोलंबिया के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने पर विचार किया जा सकता है. इन टिप्पणियों ने कूटनीतिक मर्यादाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
कोलंबिया को कोकीन उत्पादन के केंद्रों में गिना जाता
कोलंबिया लंबे समय से वैश्विक कोकीन उत्पादन के केंद्रों में गिना जाता है. अक्टूबर में अमेरिका ने अवैध ड्रग्स व्यापार से कथित संबंधों को लेकर पेट्रो और उनके परिवार के कुछ सदस्यों पर प्रतिबंध लगाए थे. हालांकि पेट्रो सरकार का कहना है कि वे ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को सामाजिक और आर्थिक सुधारों के जरिए सुलझाना चाहते हैं, न कि केवल सैन्य उपायों से.
क्षेत्रीय राजनीति में पुरानी चुनौती की गूंज
पेट्रो की चुनौती से पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो भी इसी तरह अमेरिका को ललकार चुके हैं. अगस्त में मादुरो ने ट्रंप से कहा था कि यदि वे उन्हें पकड़ना चाहते हैं तो राजधानी में आकर ऐसा करें. यह घटनाक्रम दिखाता है कि लैटिन अमेरिका में अमेरिकी नीतियों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है और नेता खुलकर प्रतिरोध की भाषा अपना रहे हैं.
कुल मिलाकर, वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के बाद कोलंबिया की प्रतिक्रिया ने पूरे क्षेत्र में कूटनीतिक तनाव को और गहरा कर दिया है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बयानबाजी ठंडी पड़ती है या यह टकराव किसी नई दिशा में बढ़ता है. First Updated : Tuesday, 06 January 2026