अमेरिका-कतर की कोशिशों से इजरायल-हिज्बुल्लाह में सीजफायर पर बनी सहमति

अधिकारी के मुताबिक अमेरिका और कतर के मध्यस्थों ने ईरान की मदद से इस समझौते को तैयार किया है। इसके बाद ही इजरायल और हिज्बुल्लाह ने गोलीबारी रोकने पर हामी भरी है।

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नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर सामने आई है। इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच तेज हुई लड़ाई अब थमने वाली है। दोनों पक्ष शुक्रवार दोपहर 4 बजे से सीजफायर पर राजी हो गए हैं। यह जानकारी एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को दी है।  

अधिकारी के मुताबिक अमेरिका और कतर के मध्यस्थों ने ईरान की मदद से इस समझौते को तैयार किया है। इसके बाद ही इजरायल और हिज्बुल्लाह ने गोलीबारी रोकने पर हामी भरी है।  

रातभर हुई थी भीषण झड़पें   

लेबनान में गुरुवार रात इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के बीच लड़ाई अचानक तेज हो गई थी। इजरायल की एयरस्ट्राइक में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह के हमले में 4 इजरायली सैनिक मारे गए। अधिकारियों का कहना है कि ये हमले हाल के दिनों में सबसे खतरनाक थे।  

इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका और कतर ने बातचीत तेज की और ईरान को भी इसमें शामिल किया। हिज्बुल्लाह के एक सांसद ने बताया था कि ईरान ने साफ कर दिया था कि जब तक पूरा सीजफायर नहीं होता, वाशिंगटन से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकती।  

ट्रंप ने नेतन्याहू पर बनाया दबाव   

डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन कर सीधे तौर पर हमलों पर रोक लगाने को कहा। ट्रंप का मानना था कि इजरायल की कार्रवाई जरूरत से ज्यादा सख्त हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर हिज्बुल्लाह का एक सदस्य किसी इमारत में है तो पूरी इमारत को गिराना सही नहीं है।  

रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप इस बात पर काफी नाराज थे और उन्होंने नेतन्याहू को कड़े शब्दों में याद दिलाया कि अमेरिका के समर्थन के बिना इजरायल की स्थिति अलग होती। एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि नेतन्याहू लेबनान में सीजफायर बढ़ाने के लिए पूरी तरह सहमत हैं, हालांकि नेतन्याहू के कार्यालय ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।  

ईरान समझौते पर बढ़ा था दबाव   

लेबनान में हिंसा बढ़ने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार को हुए अंतरिम समझौते पर भी दबाव बढ़ गया था। उस समझौते का मकसद मिडिल ईस्ट में चल रही बड़ी जंग को रोकना था।  

डील के तहत अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगियों को यह ऐलान करना है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत बंद की जाए।  

इस हफ्ते की शुरुआत में हिंसा कुछ कम हुई थी, लेकिन फिर से बढ़ गई थी। अब सीजफायर की सहमति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इलाके में हालात सामान्य होने लगेंगे।   First Updated : Friday, 19 June 2026