नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान की नजर में वे "नंबर वन टारगेट" हैं। साथ ही चेतावनी दी कि तेहरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। नाटो समिट के बाद अंकारा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य कार्रवाई का बचाव भी किया।
ट्रंप ने कहा, "मैं उनका नंबर वन टारगेट हूं। उनके पहले वाले नेता चले गए, अब नया ग्रुप है। हो सकता है वो भी चले जाएं। और पता है क्या, मैं भी जा सकता हूं क्योंकि मैं उनका सबसे बड़ा टारगेट हूं।" उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि उन्हें लगता है तेहरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। लेकिन साथ में ये भी जोड़ दिया कि वो डरकर पीछे नहीं हटेंगे।
हाल की झड़पों के बावजूद ट्रंप को लगता है कि अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई फिर शुरू नहीं होगी। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि ये फिर शुरू होगा। अगर हुआ भी तो बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा।" ईरान द्वारा कुछ जहाजों पर हमले का जिक्र करते हुए ट्रंप बोले, "उन्होंने हमला किया तो हमने उससे कहीं ज्यादा जोरदार जवाब दिया।" उन्होंने दावा किया कि आगे अगर तनाव बढ़ा भी तो वो थोड़े समय का होगा और इससे पूरे इलाके में सुरक्षा बेहतर होगी, जिसमें तेल की सुरक्षा भी शामिल है।
ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "आप सनकी लोगों के हाथ में परमाणु बम नहीं दे सकते," उन्होंने कहा। उनके मुताबिक अमेरिका के हमलों का मकसद सिर्फ इतना था कि तेहरान परमाणु हथियार तक न पहुंचे।
ट्रंप के बयान के ठीक बाद ईरान के उप-विदेश मंत्री ने कहा कि तेहरान को ट्रंप से "उनकी ही भाषा में" बात करनी होगी क्योंकि वो ताकत की भाषा समझते हैं। ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के सूत्र ने धमकी दी कि अगर फिर हमला हुआ तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर देगा। साथ ही कहा कि हर हमले का जवाब दो गुना ताकत से दिया जाएगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि अमेरिका होर्मुज में मुश्किलें पैदा कर रहा है और तेहरान अपने हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएगा। प्रवक्ता ने साफ किया कि अमेरिका के साथ MoU भरोसे पर नहीं, बल्कि "वचन के बदले वचन" के सिद्धांत पर टिका था। ट्रंप ने ये भी कहा कि 2020 में कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ईरान उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। First Updated : Wednesday, 08 July 2026