अपने 80वें जन्मदिन पर ट्रंप का बड़ा बयान- 'नेतन्याहू मुश्किल इंसान हैं, मैंने इजरायल को परमाणु हमले से बचाया'

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने 80वें जन्मदिन के ऐतिहासिक मौके पर 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' को दिए एक बेबाक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तीखा हमला बोला है.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए हुए हालिया शांति समझौते ने मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में भूचाल ला दिया है. अपने 80वें जन्मदिन के ऐतिहासिक मौके पर 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' को दिए एक बेबाक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तीखा हमला बोला है. ट्रंप ने नेतन्याहू को एक टफ गाय करार देते हुए दावा किया कि उनके द्वारा किए गए समझौते ने ही इजरायल को परमाणु हमले में 'पूरी तरह तबाह' होने से बचाया है. पाकिस्तान की मध्यस्थता से तय हुए इस शांति समझौते पर दोनों पक्ष आगामी शुक्रवार, 19 जून को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक हस्ताक्षर करेंगे, जिसकी पुष्टि सोमवार तड़के वाइट हाउस और ईरानी सरकार ने कर दी है.

बेरूत हमलों पर भड़के ट्रंप

इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल के हालिया सैन्य रवैये की कड़े शब्दों में आलोचना की. ट्रंप ने आरोप लगाया कि जब अमेरिका और ईरान समझौते के बेहद करीब थे, तब इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हवाई हमले करके इस पूरी शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने का प्रयास किया था. नेतन्याहू को इस शांति समझौते में अड़चनें पैदा करने के बजाय हमारा शुक्रगुजार होना चाहिए. अगर हमारी इस कूटनीति के बिना ईरान के पास परमाणु हथियार आ जाते, तो इजरायल उसके सामने दो घंटे भी नहीं टिक पाता. हमने ईरान को सैन्य रूप से बेहद कमजोर कर दिया है.

होर्मुज जलडमरूमध्य और मध्य-पूर्व से कमाई का 'ट्रंप कार्ड'

रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ट्रंप ने बड़े दावे किए हैं. उन्होंने कहा कि इस नए समझौते के बाद यह समुद्री गलियारा हमेशा के लिए 'टोल-फ्री' हो जाएगा. कूटनीतिक दस्तावेजों और विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मेमोरैंडम में क्षेत्रीय वार्ता से पहले सिर्फ 60 दिनों के लिए ही टोल रोकने की बात कही गई है. सच यह भी है कि युद्ध से पहले भी ईरान इस रूट पर कोई टोल टैक्स नहीं वसूल रहा था. जिसे ट्रंप अपनी बड़ी जीत के रूप में पेश कर रहे हैं.

ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी

इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि यदि वह अंतिम परमाणु समझौते की शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो अमेरिका सैन्य हमले दोबारा शुरू कर देगा. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका उस क्षेत्र की कुल कमाई का 20 प्रतिशत हिस्सा वसूल कर खुद को 'मिडिल ईस्ट का संरक्षक' घोषित कर देगा.

परमाणु दावों के पीछे का सच

ट्रंप ने अपने इस नए समझौते की तुलना पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के 2015 वाले न्यूक्लियर डील से करते हुए कहा कि उनका यह कदम ज्यादा पुख्ता है और यह सुनिश्चित करता है कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा. कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक और 'ड्रॉप न्यूज' जैसी मीडिया एजेंसियों ने ट्रंप के इन दावों को सच्चाई से परे और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया है. असलियत यह है कि ईरान ने साल 1970 में ही 'नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी' पर हस्ताक्षर करके कानूनी तौर पर परमाणु हथियार न बनाने का संकल्प लिया था.

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