क्या मान गया ईरान ट्रंप ने किया परमाणु हथियार न रखने का दावा, जानिए 300 मिलियन डॉलर के भुगतान के पीछे का पूरा सच

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा दावा करते हुए घोषणा की कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न करने पर सहमत हो गया है. यह बयान वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुए एक ऐतिहासिक समझौते के बाद आया है.

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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा दावा करते हुए घोषणा की कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न करने पर सहमत हो गया है. ट्रंप का यह बयान वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुए एक ऐतिहासिक समझौते के बाद आया है. जिसे दोनों देशों के बीच पिछले 100 से अधिक दिनों से चल रहे सैन्य संघर्ष में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

ट्रंप का बड़ा दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस समझौते की पुष्टि की. उन्होंने लिखा, ईरान इस बात पर राजी हो गया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. इसके अलावा, मीडिया में चल रही यह खबर पूरी तरह से फर्जी है कि अमेरिका ईरान को 300 मिलियन डॉलर का भुगतान कर रहा है. यह झूठ डेमोक्रेट्स द्वारा फैलाया जा रहा है.

परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की शुरुआत

यह महत्वपूर्ण घोषणा अमेरिका और ईरान द्वारा एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर करने के ठीक एक दिन बाद हुई है. इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी युद्ध को तुरंत रोकना और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम सहित आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देने जैसे जटिल मुद्दों पर बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार करना है. इस शुरुआती समझौते की बारीक शर्तें और तकनीकी विवरण अभी तक पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. दोनों पक्षों के बीच एक स्थायी युद्धविराम और दीर्घकालिक शांति स्थापित करने के लिए राजनयिक स्तर पर बातचीत का दौर अभी भी जारी है.

प्रशासन ने बताया बड़ी कूटनीतिक जीत

राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान का समर्थन करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रशासन की इस रणनीति को रेखांकित किया. वेंस ने कहा कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना शुरू से ही इस सरकार का मुख्य लक्ष्य रहा है. वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले दिन से ही यह पूरी तरह साफ कर दिया था कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा.

तनाव को कम करने की उम्मीद

जेडी वेंस ने इस प्रारंभिक समझौते को ट्रंप प्रशासन की एक बहुत बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता के रूप में पेश किया. उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के शांति स्थापित करने के निरंतर प्रयासों ने एक बार फिर अमेरिकी जनता के लिए परिणाम दिए हैं. जबकि उन लोगों ने इसमें लगातार बाधाएं डालने की कोशिश की जो अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप से राजनीतिक द्वेष रखते हैं. फिलहाल, इस शुरुआती समझौते ने मध्य पूर्व में महीनों से जारी तनाव को कम करने की उम्मीद जगाई है. First Updated : Tuesday, 16 June 2026

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