नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब होर्मुज जलडमरूमध्य का कंट्रोल अपने हाथ में ले रहा है। साथ ही इस रास्ते की सुरक्षा के बदले "अमीर देशों" से पैसा भी वसूला जाएगा। फॉक्स न्यूज़ के शो 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स' में 80 साल के रिपब्लिकन नेता ने कहा कि ये इलाका पहले से ही अमेरिका की निगरानी में था, लेकिन अब इसका खर्च दूसरे देश उठाएंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा, "हम इस जलडमरूमध्य का कंट्रोल ले रहे हैं। उनके पास कुछ नहीं है। हम इसके रक्षक बनेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "हमें इसकी सुरक्षा के लिए पैसे मिलेंगे। बहुत सारा पैसा। हम बस इतना चाहते हैं कि अपने लोगों को खतरे में डालकर जो काम कर रहे हैं, उसका खर्च हमें मिले।"
होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसीलिए ये इलाका अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का बड़ा कारण बना हुआ है।
ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका पूरा नियंत्रण है। वहीं अमेरिका का रुख है कि ये अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और सभी देशों के जहाज बिना रोक-टोक यहां से गुजर सकते हैं। इस महीने की शुरुआत में ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज को निशाना बनाया था। इसके बाद तनाव और बढ़ गया। अमेरिका ने जवाब में ईरान के मिलिट्री बेस और ड्रोन ठिकानों पर हमले किए।
साथ ही उसने होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों की सुरक्षा का वादा भी किया। इसके बाद दोनों तरफ से हमले जारी रहे। ईरान ने UAE, कतर और खाड़ी के दूसरे देशों में मौजूद अमेरिकी बेस को टारगेट किया। इस वजह से तेल की कीमतों में एक दिन में करीब 5 फीसदी की उछाल आई, हालांकि बाद में वो फिर गिर गईं।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान बातचीत के लिए राजी हैं, लेकिन उनका दावा है कि पिछले महीने हुआ डिजिटल शांति समझौता यानी सीज़फायर अब "खत्म" हो चुका है। ईरान की तरफ से भी तेवर नरम नहीं हैं। तेहरान ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है।
किसी भी पक्ष ने पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि ट्रंप का "कंट्रोल और पैसा वसूली" वाला बयान खाड़ी देशों और ईरान में कैसी प्रतिक्रिया पैदा करता है। होर्मुज को लेकर टकराव पहले से तेज है, और अमेरिका के इस नए रुख से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। First Updated : Monday, 13 July 2026