ईरान में फिर धमाकों की गूंज! बंदर अब्बास-केशम पर दूसरी बार हमला
ईरान पर सोमवार को दूसरी बार हमला हुआ। बंदर अब्बास और केशम पोर्ट के पास फिर से जोरदार धमाके सुनाई दिए। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक दिन में ये दूसरी बार हमला है।

नई दिल्ली: ईरान पर सोमवार को दूसरी बार हमला हुआ। बंदर अब्बास और केशम पोर्ट के पास फिर से जोरदार धमाके सुनाई दिए। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक दिन में ये दूसरी बार हमला है। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई एक बार फिर तेज हो गई है और दोनों तरफ से एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।
दक्षिणी तट पर लगातार हमले
इससे पहले अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं। ईरान की सरकारी मीडिया IRIB ने सुबह बताया था कि दुश्मन के मिसाइलों ने मशहर, जस्क, सिरिक, बंदर अब्बास और केशम पोर्ट को टारगेट किया। ताजा हमले में अबदान सिटी पर भी मिसाइलें गिरीं।
खुजेस्तान के डिप्टी गवर्नर के अनुसार सोमवार को दोपहर 1:45 बजे हुए हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 3 घायल हुए। मेहर की रिपोर्ट में कहा गया कि "पिछली कुछ रातों में अमेरिकी ताकतों ने देश के दक्षिणी तट पर हमले किए हैं, जिसमें कई मछुआरे और देश की रक्षा करने वाले शहीद हुए हैं।"
ईरान का पलटवार: खाड़ी में अमेरिकी ठिकाने निशाने पर
जवाब में ईरान ने जॉर्डन, ओमान, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। IRGC ने 3 अलग बयान जारी कर हमलों की जानकारी दी। पहले चरण में ईरान ने कहा कि मिसाइलों और ड्रोन से जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर बड़े मिसाइल डिपो और फ्यूल स्टोरेज टैंकों में आग लगाई गई। दूसरे चरण में IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन के शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया।
यहां हेलीकॉप्टर रखरखाव केंद्र, P-8 इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तबाह किए गए। तीसरे चरण में फ्यूल डिपो, गोला-बारूद बंकर और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया। IRGC ने कहा कि ये हमले होर्मुज स्ट्रेट में नौसैनिक टकराव के बाद ईरानी तटीय ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों का जवाब हैं।
होर्मुज पर कब्जे की लड़ाई
अमेरिका और ईरान दोनों ने सोमवार को दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उनका नियंत्रण है। ये बयान ऐसे समय आया जब पूरे मध्य पूर्व में वीकेंड पर हमलों का दौर चला। रविवार को ईरान ने ओमान के तट के पास इस स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर भी हमला किया था।
युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी के इस संकरे रास्ते पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित है। ईरान ने कमर्शियल जहाजों पर हमले और शिपिंग कंपनियों को धमकाकर अपनी पकड़ मजबूत की है।
ईरान और अमेरिका उस 60-दिन के अंतरिम समझौते की आधी अवधि पूरी कर चुके हैं, जिसका मकसद युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत शुरू करना था। लेकिन अब होर्मुज को लेकर लगातार हमले हो रहे हैं। इससे दुनिया के नेताओं को डर है कि ईरान-अमेरिका जंग फिर से पूरी तरह भड़क सकती है और ग्लोबल तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा।


