चलती ट्रेन में पूजा को लेकर मचा बवाल, रेलवे ने दी सफाई, कहा: 3 लाख देकर बुक हुई थी बुकिंग

चलती ट्रेन के अंदर पूजा-अर्चना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. रेलवे ने बताया कि यह पूजा किसी सामान्य यात्री कोच में नहीं, बल्कि एक निजी सैलून कार में आयोजित की गई थी, जिसे नियमों के तहत बुक किया गया था.

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: चलती ट्रेन के अंदर पूजा-अर्चना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक पुजारी ट्रेन के डिब्बे के अंदर पूजा-पाठ करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनके आसपास सफेद वस्त्र पहने कई लोग धार्मिक अनुष्ठान में शामिल नजर आ रहे हैं. वहीं इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई कि क्या रेलवे के कोच में इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं. 

किस कोच में हुई ये पूजा 

मामला तूल पकड़ने के बाद उत्तरी रेलवे ने इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है. रेलवे ने बताया कि यह पूजा किसी सामान्य यात्री कोच में नहीं, बल्कि एक निजी सैलून कार में आयोजित की गई थी, जिसे नियमों के तहत बुक किया गया था. रेलवे के अनुसार, संबंधित सैलून कार को एक निजी पार्टी ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के माध्यम से वाणिज्यिक आधार पर बुक कराया था.

जानकारी के अनुसार, इसके लिए पार्टी द्वारा करीब 3.08 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान भी किया गया था. यह सैलून कार 10 जुलाई 2026 को नई दिल्ली से मुंबई जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12926) के साथ जोड़ी गई थी.

रेलवे ने मामले को लेकर दी सफाई 

उत्तरी रेलवे ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा धार्मिक अनुष्ठान उसी निजी सैलून कार के अंदर हुआ था. यह किसी सार्वजनिक या सामान्य यात्री डिब्बे में आयोजित नहीं किया गया था, इसलिए इससे अन्य यात्रियों के सफर या रेल संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा. रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और समयबद्ध संचालन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे अपने नियमों के तहत निजी सैलून कार की बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराता है और बुकिंग की शर्तों का पालन किए जाने पर इस तरह से यात्रियों को यात्रा की अनुमति दी जाती है.

कैसी होती है सैलून कार रेलवे

दरअसल, सैलून कार रेलवे का एक विशेष और निजी डिब्बा होता है, जिसे वाणिज्यिक शुल्क देकर बुक किया जा सकता है. इसमें एयर कंडीशनर, बेडरूम, बैठक कक्ष, भोजन कक्ष, रसोई और संलग्न शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं. पहले इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिकारियों और वीआईपी यात्राओं के लिए होता था, लेकिन अब निर्धारित नियमों और शुल्क के तहत इसकी निजी बुकिंग भी कराई जा सकती है. रेलवे की सफाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वायरल वीडियो किसी सामान्य कोच का नहीं, बल्कि विधिवत बुक की गई निजी सैलून कार का था. 

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