ईरान पर ब्रिटेन का बड़ा एक्शन, IRGC को घोषित किया आतंकवादी संगठन
ब्रिटेन ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है. ब्रिटेन की गृह सचिव शबाना महमूद ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं का गहन मूल्यांकन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है.

नई दिल्ली: ब्रिटेन ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है. ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की है कि IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित किया जाएगा. वहीं इस फैसले के लागू होने के बाद ब्रिटेन में इस संगठन का समर्थन करना या उससे जुड़े किसी भी प्रकार की गतिविधि में शामिल होना कानूनन अपराध माना जाएगा.
ब्रिटेन की गृह सचिव ने दी जानकारी
ब्रिटेन की गृह सचिव शबाना महमूद ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं का गहन मूल्यांकन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है. सरकार का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि IRGC ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है, जो ब्रिटेन की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा पैदा करती हैं.
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के मुताबिक, लंबे समय से इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने को लेकर राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर चर्चा चल रही थी. वहीं विभिन्न एजेंसियों से मिली रिपोर्टों और सुरक्षा इनपुट के आधार पर सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची कि IRGC के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है.
सरकार की घोषणा
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि इस्लामिक मूवमेंट ऑफ द कंपैनियंस ऑफ द राइट (IMCR) और रूसी फेडरेशन वॉलंटियर कोर (GRU से संबद्ध संगठन) को भी प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल करने की तैयारी की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, इन संगठनों की गतिविधियां भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय रही हैं.
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता
ब्रिटिश सरकार का कहना है कि हाल के वर्षों में देश के भीतर ईरान से जुड़ी कई साजिशें और सुरक्षा संबंधी घटनाएं सामने आई हैं. इनमें ईरान इंटरनेशनल टीवी से जुड़े दो पत्रकारों की हत्या की साजिश और ब्रिटिश संस्थानों एवं हितों को निशाना बनाकर किए गए साइबर हमलों जैसे मामले शामिल हैं. इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी थी.
क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम
गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि गृह सचिव ने फैसला लेने से पहले सभी उपलब्ध साक्ष्यों और खुफिया रिपोर्टों का सावधानीपूर्वक अध्ययन किया. सरकार का मानना है कि इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाना देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम है. ब्रिटेन के इस फैसले को ईरान के साथ उसके संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब प्रतिबंध लागू होने के बाद IRGC से जुड़े किसी भी प्रकार के समर्थन, प्रचार या सहयोग पर ब्रिटेन में कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी.


