क्यों है मंगलवार की रात ईरान पर भारी? ट्रंप के बयान से पूरी दुनिया हक्का-बक्का

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़ी धमकी दे दी है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को एक रात में ही खत्म किया जा सकता है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़े सैन्य रेस्क्यू ऑपरेशन का खुलासा किया. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी सेना की ताकत और क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में ऐसी सैन्य शक्ति किसी अन्य देश के पास नहीं है. ट्रंप ने ईरान को लेकर भी कड़ा बयान दिया और कहा कि अमेरिका चाहे तो एक ही रात में पूरे ईरान को तबाह कर सकता है औऱ संभवत: यह मंगलवार की रात हो सकती है. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने क्या कहा? 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने बताया कि यह मिशन बेहद जटिल और जोखिम भरा था. एक घायल F-15E लड़ाकू विमान के पायलट को बचाने के लिए अमेरिकी सेना ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया. इस ऑपरेशन में करीब 200 सैनिकों को शामिल किया गया था, जिनका उद्देश्य सिर्फ एक पायलट को सुरक्षित वापस लाना था. उन्होंने कहा कि आमतौर पर ऐसे मिशन कम ही होते हैं, लेकिन अमेरिकी सेना अपने किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ती.

ट्रंप के मुताबिक, यह ऑपरेशन दुश्मन के इलाके में दिन के समय करीब सात घंटे तक चला. इसमें 21 विमानों की तैनाती की गई थी, जबकि कुल मिलाकर 155 विमान इस अभियान का हिस्सा थे. इनमें बॉम्बर, फाइटर जेट, रिफ्यूलिंग टैंकर और रेस्क्यू एयरक्राफ्ट शामिल थे. उन्होंने बताया कि पायलट गंभीर रूप से घायल था और दुश्मन के खतरनाक इलाके में फंसा हुआ था. वह 48 घंटे तक छिपा रहा और खुद ही अपनी लोकेशन साझा की, जिसके बाद उसे सुरक्षित निकालने के लिए यह बड़ा अभियान चलाया गया.

ट्रंप का दावा 

ट्रंप ने दावा किया कि इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिका को कोई नुकसान नहीं हुआ. उन्होंने यह भी बताया कि एक C-130 हरक्यूलिस विमान तकनीकी कारणों और खराब परिस्थितियों के चलते उड़ान नहीं भर सका, इसलिए उसे नष्ट कर दिया गया ताकि वह दुश्मन के हाथ न लगे.

उन्होंने यह भी कहा कि इस मिशन के दौरान कुछ जानकारी लीक हो गई थी, जिससे ऑपरेशन और चुनौतीपूर्ण हो गया. ट्रंप ने इस लीक को गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इसकी जांच की जाएगी और जिम्मेदार व्यक्ति को खोजा जाएगा.

वहीं, CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने इस मिशन को बेहद कठिन बताया. उन्होंने कहा कि दुश्मन के इलाके में छिपे सैनिक को ढूंढना रेगिस्तान में रेत के कण को तलाशने जैसा था. CIA ने पायलट की लोकेशन छिपाने और दुश्मन को भ्रमित करने के लिए विशेष रणनीति अपनाई. आखिरकार पायलट को ढूंढ लिया गया और उसके जीवित होने की पुष्टि के बाद पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.

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