ईरान युद्ध खत्म करना पहली प्राथमिकता, उसके बाद क्यूबा पर होगा फोकस: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन फिलहाल ईरान के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने पर पूरी तरह ध्यान दे रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि मध्य पूर्व में संघर्ष खत्म होने के बाद अमेरिका की विदेश नीति का अगला फोकस क्यूबा की ओर हो सकता है.

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि उनका प्रशासन फिलहाल ईरान के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में संघर्ष खत्म होने के बाद अमेरिका की विदेश नीति का फोकस क्यूबा की ओर भी जा सकता है.
व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने यह बयान दिया. यह कार्यक्रम मेजर लीग सॉकर चैंपियन इंटर मियामी सीएफ के सम्मान में आयोजित किया गया था, जहां उन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष और भविष्य की अमेरिकी विदेश नीति की प्राथमिकताओं पर भी बात की.
ईरान युद्ध खत्म करना प्राथमिकता
कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका प्रशासन ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने पर ध्यान दे रहा है. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को खत्म करना अभी उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
ईरान के साथ युद्ध का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, "हम पहले इसे खत्म करना चाहते हैं. लेकिन कुछ ही समय में आप और कई अन्य अविश्वसनीय लोग क्यूबा वापस जाने लगेंगे."
क्यूबा को लेकर दिया बड़ा संकेत
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में अमेरिका का ध्यान क्यूबा की ओर जा सकता है. उन्होंने कहा कि हवाना सरकार वाशिंगटन के साथ समझौते के लिए उत्सुक दिखाई दे रही है.
ट्रंप ने कहा, "क्यूबा समझौता करने के लिए बेताब है," और साथ ही यह भी जोड़ा कि कई क्यूबा-अमेरिकी अंततः द्वीप पर लौट आएंगे.उन्होंने कहा, "हम आपको वापस चाहते हैं, और हम आपको खोना नहीं चाहते."
ईरान युद्ध में प्रगति का दावा
ट्रंप ने अपने संबोधन के दौरान ईरान के साथ चल रहे युद्ध में प्रगति का दावा भी किया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी और इजरायली सेनाएं संयुक्त रूप से तेजी से आगे बढ़ रही हैं और दुश्मन को कमजोर कर रही हैं.
ट्रंप ने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना, अपने शानदार इजरायली सहयोगियों के साथ मिलकर, निर्धारित समय से काफी पहले ही दुश्मन को पूरी तरह से ध्वस्त करना जारी रखे हुए है."
ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर होने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि युद्ध के दौरान ईरान की सैन्य क्षमताएं काफी कमजोर हो चुकी हैं. उनके अनुसार ईरान की वायुसेना और हवाई रक्षा प्रणाली अब प्रभावी नहीं रह गई है.
ट्रंप ने कहा, "उनके पास न तो वायुसेना है, न ही हवाई रक्षा प्रणाली," और आगे दावा किया कि ईरान की नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने "तीन दिनों में 24 जहाजों को नष्ट कर दिया है."
हालांकि, इन अभियानों से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई और इन दावों की स्वतंत्र रूप से तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी.
ट्रंप का दावा, ईरान बातचीत चाहता है
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरानी नेतृत्व अब युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से समझौते के लिए संपर्क किया जा रहा है.
ट्रंप ने कहा, “वे फोन कर रहे हैं, वे पूछ रहे हैं, 'हम समझौता कैसे करें?'”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने कहा, 'आप थोड़ी देर कर रहे हैं, और हम उनसे कहीं ज्यादा अभी लड़ना चाहते हैं.'”
साथ ही उन्होंने ईरानी राजनयिकों से अपने देश के भविष्य को नया रूप देने में सहयोग करने की अपील भी की.
ट्रंप ने कहा कि जो लोग सहयोग करेंगे वे "हमें एक नए और बेहतर ईरान को आकार देने में मदद कर सकते हैं जिसमें अपार संभावनाएं हैं," साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार संघर्ष के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
तेल बाजार और अमेरिकी रणनीति
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि युद्ध के बावजूद वैश्विक तेल बाजार अब काफी हद तक स्थिर हो गए हैं. हालांकि उन्होंने माना कि इस संघर्ष ने अमेरिकी प्राथमिकताओं को कुछ समय के लिए प्रभावित किया है.
ट्रंप ने कहा, "तेल की कीमतें अब काफी हद तक स्थिर हो गई हैं. कीमतें बहुत कम थीं, लेकिन मुझे यह छोटा सा चक्कर लगाना पड़ा."
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम करने के लिए जल्द ही और कदम उठाए जा सकते हैं.
फिलहाल व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान में चल रहे संघर्ष पर है. ट्रंप ने संकेत दिया कि एक बार यह युद्ध समाप्त हो जाएगा, तो अमेरिकी नीति का फोकस तेजी से क्यूबा की ओर भी जा सकता है.


