नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप की राजनीति और नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है. उनका कहना है कि यूरोप के कई देशों का नेतृत्व ऐसे लोगों के हाथ में है जो कमजोर हैं और राजनीतिक रूप से सही दिखने की कोशिश में निर्णायक फैसले लेने से बचते हैं. ट्रंप ने यह दावा पॉलिटिको को दिए एक विशेष इंटरव्यू में किया, जो मंगलवार को प्रकाशित हुआ.
ट्रंप ने संकेत दिया कि यूरोप इस समय दिशा-हीनता की स्थिति में है और यदि जल्द ही बॉर्डर पॉलिसी में बड़े बदलाव नहीं किए गए, तो कुछ देश आगे चलकर अपनी स्थिरता तक खो सकते हैं. उन्होंने प्रवासन, यूक्रेन युद्ध और यूरोपीय नेतृत्व की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए.
ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा कि मुझे लगता है कि वे कमजोर हैं, लेकिन मुझे यह भी लगता है कि वे बहुत ज्यादा पॉलिटिकली करेक्ट होना चाहते हैं. उनके अनुसार, यूरोप के नेताओं को यह समझ नहीं आ रहा है कि उन्हें क्या कदम उठाने चाहिए, जबकि स्थिति लगातार जटिल होती जा रही है.
मीडिया के मुताबिक, ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर यूरोप ने अपनी बॉर्डर पॉलिसी नहीं बदली तो कई देश आगे चलकर मुश्किल में पड़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि लंदन और पेरिस जैसे बड़े शहर मध्य-पूर्व और अफ्रीका से बढ़ते प्रवासियों के बोझ के दबाव में हैं.
यूक्रेन युद्ध को लेकर भी ट्रंप ने यूरोपीय नेताओं पर भरोसा न जताते हुए कहा कि वे बात तो बहुत करते हैं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता और युद्ध चलता ही जा रहा है. ट्रंप ने दावा किया कि रूस स्पष्ट रूप से यूक्रेन से मजबूत स्थिति में है और उन्होंने यूक्रेन में नए चुनाव कराने की अपनी पुरानी मांग दोहराई.
पिछले गुरुवार जारी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में ट्रंप प्रशासन ने कहा कि वह यूरोप में प्रवासन और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर चली आ रही पुरानी नीतियों के खिलाफ मोर्चा तैयार करेगा. इसके जवाब में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि कोई भी मित्र देश किसी दूसरे मित्र देश के लोकतांत्रिक जीवन या उसकी घरेलू नीतियों में हस्तक्षेप करने की धमकी नहीं देता है. First Updated : Wednesday, 10 December 2025