नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर पर एक विशाल बिलबोर्ड लगाया गया है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुले काले ताबूत में लेटे हुए दिखाया गया है। म्यूरल में ट्रंप की आंखें बंद हैं, बाल बिखरे हुए हैं और साथ में लिखा है - "हम ट्रंप को मार डालेंगे।"
ये बिलबोर्ड ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप ने कुछ दिन पहले ईरान द्वारा अपनी हत्या की साजिश का जिक्र किया था। म्यूरल के नीचे "मिनाब के बच्चों की याद में" लिखा ग्राफिटी भी है। ये उस हमले की तरफ इशारा है जिसमें संघर्ष के पहले दिन मिनाब के एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में 120 लड़कियों समेत 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
ईरानी कट्टरपंथी इसे अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला बता रहे हैं। खामेनेई के एक हफ्ते तक चले अंतिम संस्कार के दौरान ईरान के कई शहरों में "अमेरिका मुर्दाबाद" और "ट्रंप को मार डालो" के पोस्टर देखने को मिले थे।
तनाव तब और बढ़ गया जब सर्वोच्च नेता के बेटे मोजतबा खामेनेई ने दुर्लभ बयान दिया। उन्होंने कहा, "हम कसम खाते हैं कि हम आपके पवित्र खून और इन दो युद्धों में शहीद हुए सभी लोगों के खून का बदला उन अपराधी हत्यारों से लेंगे।
ये हमारे देश की मांग है और इसे जरूर पूरा किया जाएगा।" मोजतबा अब तक सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आते थे। उनके बयान के बाद कट्टरपंथी गुटों ने अमेरिका से किसी भी शांति समझौते का विरोध शुरू कर दिया है।
पिछले हफ्ते अमेरिका ने ईरानी मिसाइल साइटों और तटीय ठिकानों पर हमले किए और नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू की। जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।
इन हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रुक गई है। ये दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है जिससे 20% तेल और गैस गुजरती है। नतीजे में ग्लोबल एनर्जी की कीमतें फिर बढ़ गई हैं।
इजरायल ने अमेरिका को खुफिया जानकारी दी है कि ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने भी पिछले हफ्तों में ऐसी प्लानिंग के संकेत पकड़े हैं।
नाटो समिट में ट्रंप ने कहा, "मैं जिस भी लिस्ट में हूं, मैं उनकी हर लिस्ट में हूं। अब तक किस्मत ने साथ दिया है, पर ये ज्यादा दिन नहीं चलेगा। ये बीमार लोग हैं और हमें इस कैंसर को जड़ से खत्म करना होगा।" फिलहाल दोनों देशों के बीच युद्धविराम पूरी तरह टूटता दिख रहा है और बड़े युद्ध का डर लौट आया है। First Updated : Thursday, 16 July 2026