स्टेट ऑफ होर्मुज से तेहरान तक गूंजे धमाके, अमेरिकी एयरस्ट्राइक ने तबाह की ईरान की रडार साइट्स

ताजा सैन्य टकराव को लेकर वाशिंगटन और तेहरान की ओर से विरोधाभासी दावे किए जा रहे हैं. जिसने मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदें एक बार फिर ठंडे बस्ते में जाती दिख रही हैं. सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में दोनों देशों की सेनाएं एक बार फिर आमने-सामने आ गई हैं. ताजा सैन्य टकराव को लेकर वाशिंगटन और तेहरान की ओर से विरोधाभासी दावे किए जा रहे हैं. जिसने मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है.

समुद्री सीमा में आमने-सामने सेनाएं

ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसी 'मेहर' के मुताबिक ईरानी नौसेना ने होर्मुज के निकट अमेरिकी युद्धपोतों की संदिग्ध हरकतों को देखते हुए 'चेतावनी' के तौर पर कई दौर की गोलीबारी की. यह कार्रवाई रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के तट पर स्थित लारक द्वीप के पास की गई.

ईरान का जवाब

दूसरी तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए जवाबी कार्रवाई की पुष्टि की है. अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को निशाना बनाने के उद्देश्य से कई आत्मघाती ड्रोन दागे थे. अमेरिकी सेना ने आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए ईरान के चार हमलावर ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया.

रडार ठिकानों पर बमबारी

इसके तुरंत बाद अमेरिकी वायुसेना ने भविष्य के खतरों को टालने के लिए गोरुक और केशम द्वीप पर स्थित ईरानी तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर बमबारी की. ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास क्षेत्र में किसी भी अमेरिकी हमले की बात को सिरे से खारिज किया है.

सीजफायर की कोशिशों को झटका

यह ताजा टकराव ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच सीजफायर को आगे बढ़ाने के लिए कूटनीतिक बातचीत चल रही थी. इस हफ्ते की शुरुआत में कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे पर एक ईरानी ड्रोन हमले में पैसेंजर टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा था. जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही माहौल बिगड़ा हुआ था.

ट्रंप ने किया बड़ा दावा

तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक टीवी इंटरव्यू में बड़ा दावा करते हुए कहा कि लगातार सैन्य कार्रवाई के कारण ईरान की ताकत कमजोर हुई है और अब उसके पास केवल 21 से 22 फीसदी मिसाइलें ही बची हैं. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, हम किसी न किसी तरह से जीतेंगे और संघर्ष को समाप्त करेंगे.

लेबनान संकट से उलझा समीकरण

क्षेत्रीय शांति के प्रयासों में सबसे बड़ा रोड़ा इजरायल और लेबनान के बीच चल रहा संघर्ष है. ट्रंप प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम का दावा किया था. लेकिन ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह ने इसे खारिज कर नए हमले शुरू कर दिए हैं. इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान के बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है.

ईरान ने अब यह नई शर्त रख दी है कि होर्मुज जलमार्ग को खोलने और सीजफायर को लागू करने की बात तभी आगे बढ़ेगी जब इजरायल लेबनान पर अपने हमले पूरी तरह रोकेगा.

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