दुनिया के लिए होर्मुज बंद, फिर भी अरबों का तेल कैसे बेच रहा ईरान?
अमेरिका की नाकाबंदी के बावजूद ईरान गुप्त “शैडो फ्लीट” के जरिए रोज करीब 15 लाख बैरल कच्चा तेल बेच रहा है. पुराने टैंकरों और पहचान छिपाने की रणनीति के सहारे ईरान ने पिछले 45 दिनों में लगभग 70 मिलियन बैरल तेल निर्यात किया है.

नई दिल्ली: अमेरिका की कड़ी निगरानी और होर्मुज के बाहर की गई समुद्री नाकाबंदी के बावजूद ईरान लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बेच रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान इस काम के लिए एक गुप्त 'शैडो फ्लीट' यानी छाया बेड़े का इस्तेमाल कर रहा है. दावा किया जा रहा है कि होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी दबाव बढ़ने के बाद भी ईरान अब तक करीब 70 मिलियन बैरल तेल बेच चुका है. प्रतिदिन लगभग 15 लाख बैरल तेल की सप्लाई गुप्त तरीके से की जा रही है.
किन टैंकरों का उपयोग कर रहा ईरान?
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान पुराने और कम पहचान वाले तेल टैंकरों का उपयोग कर रहा है. इन जहाजों के जरिए सबसे ज्यादा तेल चीन भेजा गया है. इसके अलावा इंडोनेशिया और मलेशिया भी ईरानी तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल बताए जा रहे हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान पहले अपने तेल को पुराने टैंकरों में भरता है और फिर कई जहाजों को एक साथ होर्मुज क्षेत्र से बाहर निकालता है. इन टैंकरों के साथ सुरक्षा के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के जवान भी मौजूद रहते हैं. बताया जा रहा है कि जहाज तेजी से चीन की दिशा में बढ़ते हैं ताकि अमेरिकी निगरानी से बचा जा सके.
अमेरिकी सैटेलाइट और रडार सिस्टम से बचने के लिए ईरान कथित तौर पर जहाजों की पहचान छिपाने की रणनीति अपना रहा है. टैंकरों के नंबरों को मिटा दिया जाता है और ऊपर रखे उपकरणों को काले तिरपाल से ढक दिया जाता है. इसके अलावा जिन देशों की समुद्री सीमा से जहाज गुजरते हैं, वहां पहले से संपर्क साधकर रास्ता आसान बनाया जाता है.
हालांकि, इस अभियान में ईरान को जोखिम भी उठाना पड़ रहा है. अमेरिका की निगरानी में कई बार उसके जहाज आ चुके हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अब तक दो ईरानी तेल टैंकर होर्मुज के बाहर नष्ट किए जा चुके हैं. इसके बावजूद ईरान ने तेल निर्यात की गति कम नहीं की है.
समुद्री नाकाबंदी की घोषणा
अमेरिका ने 13 अप्रैल को ओमान की खाड़ी में ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी की घोषणा की थी. इसके लिए युद्धपोत भी तैनात किए गए थे, लेकिन ईरान के तेल कारोबार पर इसका पूरी तरह असर नहीं पड़ पाया. पिछले 45 दिनों में ईरान ने करीब 70 मिलियन बैरल तेल बेचने का दावा किया है. वहीं, 2025 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान ने लगभग 31 बिलियन डॉलर का तेल निर्यात कर लिया था.


