भारत ने कराची ब्लास्ट पर पाकिस्तान को दिया करारा जवाब, कहा 'अपने गिरेबान में झांको'

जायसवाल ने दो टूक कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने यहां काम कर रहे आतंकी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह अपने अंदर झांके।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: भारत ने कराची में सिंध रेंजर्स के कंपाउंड पर हुए हमले में खुद को जोड़ने के पाकिस्तान के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को इन आरोपों को "बेबुनियाद" बताया और कहा कि इस्लामाबाद को अपनी जमीन से चल रहे आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई करनी चाहिए।  

MEA का सख्त जवाब: बेबुनियाद आरोप बंद करे पाकिस्तान     

पाकिस्तानी मीडिया की उन खबरों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी, जिनमें हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया गया था। उन्होंने कहा, "हमने कराची की घटना को लेकर भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाने वाली पाकिस्तानी खबरें देखी हैं। हम उन्हें पूरी तरह खारिज करते हैं।"  

'दूसरों पर उंगली उठाना बंद करे, अपने अंदर झांके पाकिस्तान'    

जायसवाल ने दो टूक कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने यहां काम कर रहे आतंकी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह अपने अंदर झांके। अपने इलाके में मौजूद आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करे और आतंकवाद को सरकारी नीति के हथियार की तरह इस्तेमाल करना बंद करे।"  

कराची हमले में 4 रेंजर्स जवान शहीद, 6 आतंकी ढेर     

यह बयान कराची में सिंध रेंजर्स के कंपाउंड पर हुए हमले के एक दिन बाद आया। शनिवार शाम भारी हथियारों से लैस आतंकी गुलिस्तान-ए-जौहर स्थित भिटाई विंग हेडक्वार्टर में घुस गए। हमलावरों ने मुख्य गेट पर गाड़ी टकराई और ग्रेनेड फेंके।

कई धमाकों के बाद रेंजर्स ने जवाबी कार्रवाई की। करीब 90 मिनट चली मुठभेड़ में स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट और एंटी-टेररिस्ट फोर्स भी शामिल हुई। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के मुताबिक छह आतंकी मारे गए और एक घायल को जिंदा पकड़ा गया। हमले में रेंजर्स के चार जवान भी शहीद हो गए।  

जमात-उल-अहरार ने ली जिम्मेदारी   

हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली है। यह प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान TTP से जुड़ा गुट है। यह संगठन पहले भी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी संस्थानों पर हमले कर चुका है। अक्टूबर 2024 में कराची एयरपोर्ट के पास आत्मघाती हमले में दो चीनी इंजीनियर मारे गए थे। 2023 में कराची पुलिस ऑफिस पर हमले के बाद यह TTP से जुड़ा सबसे बड़ा हमला है।  

हमले के बाद कराची में हाई अलर्ट   

घटना के बाद इलाके को सील कर दिया गया। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने वरिष्ठ अफसरों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आपातकालीन टीमें मौके पर तैनात हैं।  

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान में सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं और अफगानिस्तान से तनाव भी जारी है। इस्लामाबाद का आरोप है कि तालिबान सरकार TTP को अफगान जमीन से हमले करने दे रही है। काबुल इन आरोपों से इनकार करता है।  

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