ईरान ने सीजफायर ठुकराया अमेरिका और इजरायल को सीधी चेतावनी, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव क्या अब भड़केगा बड़ा युद्ध जल्द
ईरान ने साफ कहा है कि वह सीजफायर नहीं करेगा। अब टकराव और बढ़ सकता है। हालात ऐसे हैं कि पूरा मिडिल ईस्ट एक बड़े संकट के मुहाने पर खड़ा दिख रहा है।

ईरान ने साफ शब्दों में कह दिया है कि वह किसी भी हालत में सीजफायर नहीं करेगा और यह बात अब सिर्फ बयान नहीं बल्कि एक साफ रणनीति बन चुकी है। इसमें वह अपने दुश्मनों के सामने झुकने के बजाय सीधे टकराव का रास्ता चुनता दिख रहा है। यही वजह है कि उसके विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी यह साफ कर दिया है कि ईरान का मकसद सिर्फ युद्ध रोकना नहीं बल्कि इस दुश्मनी को हमेशा के लिए खत्म करना है। इसी सोच के साथ वह आगे बढ़ रहा है जिससे साफ दिखता है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष और गहरा सकता है।
क्या जंग अब और खतरनाक मोड़ ले रही?
मिडिल ईस्ट पहले से ही बारूद के ढेर पर बैठा है और अब ईरान के इस फैसले ने हालात को और ज्यादा नाजुक बना दिया है। क्योंकि जब कोई देश खुले तौर पर सीजफायर से इनकार करता है तो इसका मतलब होता है कि वह लंबी लड़ाई के लिए खुद को तैयार कर चुका है। यही संकेत इस बयान से भी मिल रहे हैं, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है और इसका असर सिर्फ इस इलाके तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ सकती है।
क्या अमेरिका पर लगे आरोप माहौल बिगाड़ेंगे?
ईरान ने अमेरिका पर सीधे तौर पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है और कहा है कि जो बातें दुनिया के सामने कही जा रही हैं वह जमीन पर दिखने वाली सच्चाई से बिल्कुल अलग हैं। इसके लिए उसने वियतनाम युद्ध का उदाहरण भी दिया है जहां सच को छुपाकर जीत का दावा किया जाता रहा था। अब ईरान का कहना है कि वही पुरानी रणनीति फिर से अपनाई जा रही है। इससे यह साफ है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की कोई जगह नहीं बची है और यही चीज हालात को और ज्यादा खराब कर सकती है।
क्या अमेरिका की ताकत पर सवाल उठे हैं?
ईरान ने यह भी दावा किया है कि अमेरिका जितना मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहा है उतना वह जमीन पर नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि उसके मुताबिक जब अमेरिका यह कहता है कि ईरान की हवाई ताकत खत्म हो चुकी है उसी वक्त एक आधुनिक फाइटर जेट को निशाना बनाया जाता है। जब वह कहता है कि नौसेना खत्म हो गई है तो उसके बड़े युद्धपोत पीछे हटते नजर आते हैं और इन दावों के जरिए ईरान यह संदेश देना चाहता है कि वह अभी भी मजबूत है और मुकाबला करने की पूरी ताकत रखता है
क्या इजरायल के लिए सीधी चेतावनी है?
ईरान ने इजरायल को भी खुली चेतावनी दी है और कहा है कि अगर उसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ तो वह बिना किसी देरी के जवाब देगा। वह जवाब ऐसा होगा जिसमें किसी तरह का संयम नहीं रखा जाएगा। इतना ही नहीं ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसे इजरायल की योजनाओं की जानकारी पहले से है। इससे यह साफ हो जाता है कि दोनों देशों के बीच तनाव अब एक खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। कोई भी छोटी घटना बड़े टकराव में बदल सकती है।
क्या अब बातचीत की गुंजाइश खत्म हो गई?
ईरान के रुख को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि अब बातचीत की राह काफी मुश्किल हो गई है। क्योंकि जब कोई देश साफ तौर पर कह दे कि वह दबाव में झुकने वाला नहीं है तो फिर कूटनीतिक रास्ते कमजोर पड़ जाते हैं। यही इस पूरे मामले में भी नजर आ रहा है जहां एक तरफ अमेरिका और उसके सहयोगी दबाव बना रहे हैं तो दूसरी तरफ ईरान खुलकर टकराव की बात कर रहा है। इसी वजह से यह संघर्ष जल्दी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है
क्या दुनिया के लिए खतरा बढ़ चुका है?
इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहने वाला है क्योंकि मिडिल ईस्ट का हर संकट दुनिया के बाजारों और राजनीति पर सीधा असर डालता है। इस बार भी वही संकेत मिल रहे हैं जहां तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है। कई देश इस टकराव में खिंच सकते हैं और यही वजह है कि अब पूरी दुनिया की नजर इस इलाके पर टिकी हुई है। क्योंकि यहां की एक चिंगारी भी बड़े विस्फोट में बदल सकती है।


