होर्मुज से सुरक्षित निकलेंगे भारतीय जहाज, ईरान बोला- भारत हमारा दोस्त, जल्द मिलेगा सुरक्षित रास्ता

ईरान ने कहा होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय जहाजों को जल्द सुरक्षित रास्ता मिलेगा। भारत में ईरानी राजदूत ने कहा कि दोनों देश दोस्त हैं और क्षेत्र में समान हित साझा करते हैं।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा संकट की चिंता बढ़ गई है। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश पर भी इसका असर पड़ सकता है। इसी बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने राहत भरी खबर दी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की तैयारी की जा रही है। राजदूत के अनुसार आने वाले दो से तीन घंटों के भीतर इस बारे में सकारात्मक खबर सामने आ सकती है।

क्या ईरान ने भारत को अपना दोस्त बताया?

मीडिया से बातचीत में ईरानी राजदूत ने कहा कि भारत और ईरान के संबंध बहुत पुराने और मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि भारत हमारा दोस्त है और दोनों देश क्षेत्र में समान हित साझा करते हैं। राजदूत ने भरोसा जताया कि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत के बीच विश्वास और सहयोग का रिश्ता है। इसी कारण दोनों देश एक-दूसरे की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

क्या दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात हुई?

राजदूत फताली ने कहा कि यह ईरान के लिए कठिन समय है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार लगातार ईरान की मदद कर रही है। इसी तरह ईरान भी भारत की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझा हित और समान सोच है। इसी वजह से ईरान सरकार और भारत में मौजूद ईरानी दूतावास के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाया जाए।

क्या मोदी और ईरानी राष्ट्रपति के बीच बातचीत हुई?

ईरानी राजदूत ने बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों नेताओं का मानना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। राजदूत ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वह अपनी रक्षा के लिए तैयार है।

क्या युद्ध के कारण होर्मुज में जहाज फंस गए हैं?

युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। जानकारी के मुताबिक इस रास्ते से केवल एक तेल का जहाज भारत पहुंच पाया है, जो मुंबई के जवाहर द्वीप पोर्ट पर उतरा था। एक अन्य जहाज जो गुजरात की ओर आ रहा था, उस पर हमला हुआ था। इसके बाद भारत और ईरान के बीच बातचीत तेज हो गई।

क्या कई भारतीय जहाज अभी भी होर्मुज के पास फंसे हैं?

सरकारी सूत्रों के अनुसार वर्तमान समय में दो दर्जन से अधिक भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट के आसपास फंसे हुए हैं। भारत सरकार ईरान प्रशासन के साथ मिलकर इन जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इन जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल जाएगा और वे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

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