नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच संबंध खराब होते जा रहे हैं. ऐसे में ईरान ने अपनी सैन्य ताकत दिखाने के लिए एक नई बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह कदम दुनिया भर में चिंता का विषय बन गया है.
ईरान और अमेरिका के बीच कई सालों से विवाद चल रहा है. मुख्य मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम है. हाल के महीनों में अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए है साथ ही, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई गई है. ईरान का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए मिसाइलें विकसित कर रहा है, लेकिन पश्चिमी देश इसे खतरा मानते हैं.
हाल ही में दोनों पक्षों के बीच परमाणु वार्ता के दौर चल रहे हैं, लेकिन कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ है. युद्ध की आशंका के बीच ईरान ने यह मिसाइल लॉन्च करके मजबूत संदेश दिया है.
ईरान ने जिस मिसाइल का परीक्षण किया, उसका नाम खैबर है. इसे खोर्रमशहर-4 के नाम से भी जाना जाता है. यह चौथी पीढ़ी की सतह से सतह मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है. ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इसकी रेंज 2000 किलोमीटर है. इतनी दूरी से यह इजरायल, खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों और यूरोप के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकती है.
मिसाइल में भारी वॉरहेड (लगभग 1500 किलोग्राम तक) ले जाने की क्षमता है. यह तरल ईंधन से चलती है और उड़ान में दिशा बदलने की क्षमता रखती है, जिससे दुश्मन के रक्षा तंत्र को चकमा देना आसान हो जाता है. परीक्षण एक गुप्त स्थान पर किया गया, जहां ईरान की मिसाइल इकाइयां छिपी हुई हैं.
बता दें, ईरान की मिसाइल ताकत मध्य पूर्व में संतुलन बदल सकती है. ईरान के पास हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जिनमें से कई 2000 किमी तक मार कर सकती हैं. यह परीक्षण अमेरिका और उसके सहयोगियों को चेतावनी है. हालांकि, ईरान का दावा है कि ये मिसाइलें रक्षात्मक हैं और किसी हमले का जवाब देने के लिए हैं. First Updated : Thursday, 26 February 2026