हिंद महासागर में डूबा ईरानी युद्धपोत, क़तर पर मिसाइल वार, तेहरान पर हमले-पश्चिम एशिया में एक साथ भड़की खतरनाक जंग की आहट

हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत के डूबने और क़तर पर मिसाइल हमले की खबरों ने पश्चिम एशिया में हलचल बढ़ा दी है। कई देश अब इस टकराव को लेकर सतर्क हो गए हैं।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

हिंद महासागर से अचानक एक बड़ी खबर सामने आई। ईरान का नेवल शिप “आईआरआईएस डेना” श्रीलंका के तट के पास मुसीबत में फंस गया। जहाज़ से तड़के एक इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया। यह संदेश श्रीलंका के सुरक्षा तंत्र तक पहुंचा। तुरंत नौसेना और वायुसेना को अलर्ट किया गया। बचाव के लिए जहाज़ और हेलीकॉप्टर रवाना हुए। बताया गया कि जहाज़ पर करीब 180 लोग सवार थे। समुद्र में चल रही इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी।

क्या बचाव अभियान में मिली बड़ी जानकारी?

श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने संसद में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जहाज़ से मिले संकेत के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। समुद्र में खोज और बचाव अभियान चलाया गया। कई नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। करीब 30 घायल नाविकों को अस्पताल ले जाया गया। उन्हें गॉल बंदरगाह के अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम इलाज में लगी है। बाकी लोगों की तलाश और जहाज़ की स्थिति की जांच जारी है।

आखिर क्यों डूबा ईरानी पोत?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहाज़ डूबा कैसे। अभी तक कोई साफ कारण सामने नहीं आया है। तकनीकी खराबी की संभावना भी जताई जा रही है। कुछ लोग समुद्री तूफान की बात कर रहे हैं। लेकिन विपक्षी नेताओं ने अलग सवाल उठाया है। उनका कहना है कि क्या यह हमला हो सकता है। क्या किसी ने इस जहाज़ को निशाना बनाया। अभी इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है।

क्या अमेरिका–इसराइल से जुड़ा शक?

श्रीलंका की संसद में विपक्ष ने एक और बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या यह हमला अमेरिका या इसराइल की कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है। क्योंकि हाल के दिनों में ईरान और इन देशों के बीच तनाव बढ़ा है। पश्चिम एशिया में लगातार सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं। कई हमलों और जवाबी हमलों की खबरें आई हैं। ऐसे माहौल में जहाज़ के डूबने को लेकर शक गहराया है। हालांकि अभी तक किसी देश ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

क़तर पर मिसाइल हमला क्यों?

इसी बीच एक और खबर ने हालात को और गंभीर बना दिया। क़तर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल को एयर डिफेंस ने हवा में गिरा दिया। लेकिन दूसरी मिसाइल अल उदैद एयरबेस के पास गिरी। यह अमेरिका का बड़ा सैन्य अड्डा है। हालांकि क़तर ने कहा कि इस हमले में कोई जान नहीं गई। फिर भी इस घटना ने पूरे क्षेत्र में खतरे की घंटी बजा दी है।

तेहरान में इसराइली हमले की खबर?

दूसरी तरफ इसराइल ने भी ईरान पर कार्रवाई का दावा किया है। इसराइल डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता ने कहा कि तेहरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में बसीज मुख्यालय भी शामिल था। यह रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ा संगठन माना जाता है। इसके अलावा मिसाइल लॉन्च पैड पर भी हमले की बात कही गई। इसराइल ने साफ कहा है कि वह अपने हमले जारी रखेगा। इससे तनाव और बढ़ सकता है।

क्या पूरे क्षेत्र में फैल रहा संघर्ष?

तनाव सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है। दुबई से भी एक वीडियो सामने आया है। इसमें अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास धमाके के बाद आग दिखाई देती है। बीबीसी की जांच टीम ने इस वीडियो की पुष्टि की है। बताया गया कि एक ड्रोन इमारत के पास गिरा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी ठिकाने निशाने पर हैं। अब पश्चिम एशिया में हालात और जटिल होते जा रहे हैं।

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