इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि वे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाने की संभावना से इनकार नहीं करते. एक साक्षात्कार में जब नेतन्याहू से यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम वह कर रहे हैं जो हमें जरूरी लगता है. उन्होंने कहा कि खामेनेई को निशाना बनाना संघर्ष को और नहीं बढ़ाएगा, बल्कि इसका अंत करेगा.
नेतन्याहू ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह इजरायल को परमाणु युद्ध के कगार पर ले जाने की कोशिश कर रहा है. उनका कहना था कि इजरायल इस खतरे को खत्म कर रहा है और यह तभी संभव है जब बुराई की ताकतों का डटकर मुकाबला किया जाए. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इजरायल ने ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया है, जिनकी तुलना उन्होंने “हिटलर की परमाणु टीम” से की.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने कभी खामेनेई को निशाना बनाने की इजरायली योजना को मंजूरी नहीं दी थी. अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि जब तक ईरान अमेरिका पर सीधा हमला नहीं करता, तब तक उसके नेताओं को निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं है.
नेतन्याहू ने ईरान को वैश्विक खतरा बताया और ट्रंप की इस सोच की सराहना की कि बुराई के खिलाफ खड़ा होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं सफल न हो सकें.
इस बीच इजरायल-ईरान संघर्ष चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है. ईरान के अनुसार इजरायली हमलों में अब तक 224 लोगों की मौत हुई है, जबकि इजरायल का दावा है कि ईरानी मिसाइल हमलों में उनके 24 नागरिक मारे गए हैं. First Updated : Monday, 16 June 2025