'आपने ही क्लियरेंस दी थी, अब गोली चला रहे...' होर्मुज में भारतीय टैंकर पर ईरान का हमला, वायरल ऑडियो में छलकी क्रू की बेबसी
शनिवार को ईरान की नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट में दो भारतीय झंडे वाले जहाजों पर फायरिंग की, जिसके कारण दोनों जहाजों को रास्ता बदलकर वापस जाना पड़ा. इस घटना का एक ऑडियो क्लिक सामने आया है, जिसमें क्रू सदस्य ईरानी नौसेना से गुहार लगा रहा है.

नई दिल्ली: ईरान की नौसेना ने शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट में दो भारतीय झंडे वाले जहाजों पर फायरिंग कर दी. इनमें एक बड़ा तेल टैंकर और दूसरा मालवाहक जहाज शामिल था. घटना में किसी भारतीय क्रू सदस्य को चोट नहीं पहुंची, लेकिन दोनों जहाजों को रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा. इस दौरान एक जहाज का ऑडियो क्लिप भी सामने आया है, जिसमें क्रू सदस्य ईरानी नौसेना से गुहार लगा रहा है.
ऑडियो में छलक रही बेबसी
टैंकर ट्रैकर्स नामक समुद्री निगरानी एजेंसी ने लगभग 30 सेकंड का यह ऑडियो साझा किया है. यह ऑडियो 'सनमार हेराल्ड' नामक कच्चे तेल के टैंकर का है, जो इराक से भारत की ओर आ रहा था और करीब 20 लाख बैरल तेल ले जा रहा था.
ऑडियो में जहाज का क्रू सदस्य चिल्लाते हुए कह रहा है, “सिपाह नेवी, सिपाह नेवी, मैं मोटर टैंकर सनमार हेराल्ड से बोल रहा हूं. आपने ही मुझे आगे बढ़ने की क्लीयरेंस दी थी. आपकी लिस्ट में मेरा नाम दूसरे नंबर पर है, लेकिन अब आप हम पर फायरिंग कर रहे हैं. हमें वापस मुड़ने दीजिए.” यह क्लिप घटना की तीव्रता को साफ दिखाती है, जहां क्रू सदस्य हैरान और परेशान नजर आ रहा है.
सुरक्षित इलाके में हुई फायरिंग
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फायरिंग उस समय हुई जब जहाज होर्मुज स्ट्रेट के 'ग्रीन एरिया' में था, जिसे आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है. जहाज ने अपनी पहचान छुपाने के लिए कुछ समय के लिए AIS सिस्टम बंद कर दिया था, लेकिन बाद में उसे फिर चालू किया.
दूसरा प्रभावित जहाज 'जग अर्नव' था, जिसके हल्के नुकसान की खबर है, लेकिन क्रू सुरक्षित है. ईरानी गनबोट्स ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों जहाजों को मजबूरन वापस मुड़ना पड़ा.
ईरान के वादे पर सवाल
केवल एक हफ्ते पहले ईरान के राजदूत ने भारत में कहा था कि होर्मुज का रास्ता भारतीय जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रहेगा. उन्होंने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच अच्छा संपर्क है और गैर-संलिप्त देशों के जहाजों को कोई समस्या नहीं होगी, लेकिन अब ईरानी बलों की कार्रवाई से यह आश्वासन टूटता नजर आ रहा है.
ईरान की ओर से इस घटना पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. भारत सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब किया है और पूरी घटना की जानकारी मांगी है. यह घटना भारत के लिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा तेल आयात होर्मुज स्ट्रेट से होता है. समुद्री सुरक्षा एजेंसियां अब क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर नजर रखे हुए हैं.


